गुजरात के नतीजों के बाद जनेऊधारी राहुल भाजपा से छीनेंगे राम मंदिर का मुद्दा!

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    नई दिल्ली। गुजरात चुनाव में जिस तरह से कांग्रेस ने अपेक्षा के अनुसार बेहतर प्रदर्शन किया है उसने ना सिर्फ कांग्रेस को ऑक्सीजन देने का काम किया है बल्कि देश को जनेऊधारी राहुल गांधी देने का भी काम किया है। जिस तरह से राहुल गांधी ने गुजरात चुनाव के दौरान दर्जनों में मंदिर के दर्शन किए और खुद को शिवभक्त बताया वह उनकी नई छवि को लेकर लोगों के सामने आया है। मंदिर-मंदिर जाकर राहुल गांधी ने अपने हिंदू विरोधी छवि को खत्म करने की पूरी कोशिश की और अपनी इस कोशिश में काफी हद तक राहुल गांधी सफल होते नजर आ रहे हैं। ऐसे में जिस तरह से कांग्रेस ने गुजरात ने अपनी रणनीति को बदला और उसका उसे यहां लाभ हुआ, उसके बाद यह नहीं कहा जा सकता है कि राहुल गांधी की रणनीति यहां विफल रही है।

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    21 मंदिरों के दर्शन
    गुजरात में राहुल गांधी ने अपनी पूरी ताकत झोंकी और कांग्रेस को यहां फिर से खड़ा करने में जबरदस्त मेहनत की है। उन्होंने हिंदुओं को खुश करने के लिए हर वह कोशिश की जो वह कर सकते थे, यहां तक कि वह यहां माथे पर तिलक लगाकर भी घूमे। वह इस दौरान 21 मंदिरों में गए, जिसमे सोमनाथ मंदिर भी शामिल है जोकि कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए बड़ा चुनावी स्थल बना रहा।

    खुद को बताया शिव भक्त
    राहुल गांधी ने गुजरात की अपनी यात्रा द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन से शुरू की, वह नवरात्रि के दौरान जामनगर के नवरात पंडाल भी गए। बाहूचारा जी के मंदिर भी राहुल गांधी गए और कहा कि मैं शिव भक्त हूं, सच्चाई में भरोसा करता हूं, भाजपा जो भी बोले मैं अपनी सच्चाई में भरोसा करता हूं। ऐसे में गुजरात के चुनाव में राहुल गांधी ने खुद को हिंदू समर्थक दिखाने की पूरी कोशिश की ताकि वह प्रदेश में तकरीबन 80 फीसदी हिंदुओं का समर्थन हासिल कर सके।

    कांग्रेस की रणनीति में बड़ा बदलाव
    लंबे समय से कांग्रेस अल्पसंख्यकों के वोट को अपनी ओर करने की रणनीति पर आगे बढ़ती रही है, लेकिन इस बार कांग्रेस ने अपनी रणनीति को बदलते हुए बहुसंख्यक वोटों को अपनी ओर करने की कोशिश की। कांग्रेस की रणनीति में इस तरह का बदलाव देखने को मिला कि एक बार भी कांग्रेस ने अपने चुनावी प्रचार में मुस्लिम या अल्पसंख्यक वोटर का जिक्र नहीं किया। यहां यह नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस गुजरात में भाजपा पर सांप्रदायिकरण करने का आरोप लगाती आई है, वह भाजपा पर मुस्लिम इलाको को नजरअंदाज करने का आरोप लगाती रही है।

    आगे बढ़ाएंगे अपनी हिंदू छवि को
    जिस तरह से राहुल गांधी ने गुजरात में हिंदू रणनीति को आगे बढ़ाते हुए सफलता हासिल की और प्रधानमंत्री मोदी के गढ़ में कांग्रेस को खड़ा करने में सफलता हासिल की है, वह उनके हौसले को बढ़ाने में जरूर बड़ी भूमिका निभाएगा। अपनी इस नई छवि व रणनीति को राहुल गांधी अगले लोकसभा चुनाव में आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करेंगे, वह पूरे देश में अपने आपको हिंदू नेता के तौर पर लोगों के बीच स्थापित करने की भी कोशिश करेंगे ताकि वह भाजपा के हिंदू वोटरों के समर्थक होने के दावे पर हमला कर सके।

    राम मंदिर पर बन सकती है सहमति
    अपनी नई छवि को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी अब अयोध्या में राम मंदिर के समर्थन में भी आगे आएंगे, ऐसे में मुमकिन है कि राम मंदिर को लेकर दो समुदाय के बीच आपसी सहमति बन सकती है। जिस तरह से शिया समुदाय ने राम मंदिर के समर्थन में अपना बयान दिया है, उसे आगे बढ़ाते हुए राहुल राम मंदिर का श्रेय लेने की पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि भाजपा की रणनीति पर नजर डालें तो उसने राम मंदिर को लेकर कोई बड़ा बयान नहीं दिया और ना ही उसपर अपनी स्थिति को मजबूती से आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी खुद को देश को बेहतर आर्थिक स्थिति में पहुंचाने वाले नेता के तौर पर स्थापित करने में लगे हुए हैं।

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