राहुल जी क्या सोनिया गांधी 'मदर इंडिया' बन गई हैं?
कांग्रेस के युवराज ने रैली में जनता को एक कहानी सुनायी। कहानी में उन्होंने अपनी मां सोनिया गांधी के त्याग और बलिदान के उदाहरण दिये और उन्हें 'मदर इंडिया' बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राहुल ने कहा, जब संसद में फूड सिक्योरिटी बिल पास हो रहा था, वो बिल जो देश के हर गरीब को भोजन की गारंटी देता है, पास हो रहा था, तब मां की तबियत खराब हुई। वे स्वास्थ्य की परवाह न करते हुए भी सदन में डटी रहीं और कहने लगीं कि इस बिल के लिये मैं लड़ी हूं, आज मुझे इसके समर्थन में वोट करने के लिये बटन दबाना है।"
राहुल जी देश की 75 फीसदी मांओं को खून की कमी है
राहुल ने आगे कहा, "मेरी मां वहीं डटी रहीं। मुझे गुस्सा आया और मैं जबरदस्ती वहां से अस्पताल ले गया। जरा सोचिये मेरी मां के लिये जनता का यह बिल मितना महत्वपूर्ण है।" यहां पर एक सवाल मैं राहुल से पूछना चाहूंगा कि क्या कभी उन्होंने अपनी रैली में सेना के किसी जवान का जिक्र किया है, जो सरहद पर जमकर देश की रक्षा के लिये डटे रहता है। सोनिया गांधी के लिये तो संसद भवन के अंदर प्रधानमंत्री के डॉक्टर भी मौजूद थे, उन जवानों का क्या, जिन्हें डॉक्टर तो दूर आसानी से दवा भी उपलब्ध नहीं हो पाती है।
आप कहेंगे कि सेना के जवान का इससे क्या लेना देना, तो चलिये हम भी बात सिर्फ मां की करते हैं। बीमारी की वजह से फूड सिक्योरिटी बिल के लिये सोनिया बटन नहीं दबा पायीं, उनका दर्द राहुल के दिल को कचोट रहा है, उस मां के दर्द का क्या, जिसने आज ही गढ़चिरौली में नक्सली हमले में अपने बेटों को खो दिया। केंद्र में आप ही की तो सरकार है न जो नक्सलियों के खिलाफ पिछले पांच साल से योजना बना रही है, जो अब तक पूरी नहीं हो पायी।
राहुल जी हर बात के लिये राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं
राहुल ने अपनी रैली में उस मां के दर्द का जिक्र क्यों नहीं किया, जिसे प्रसव के दौरान सरकारी अस्पताल में ठीक से दवाएं नहीं मिल पाती हैं। इसके लिये आप राज्य सरकारों को दोषी नहीं ठहरा सकते, क्योंकि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को सीधे केंद्र संचालित करता है। मेडिकल काउंसिल गांवों में बिना प्रेक्टिस किये डॉक्टरों को डिग्री कैसे दे देता है?
क्या कांग्रेस के युवराज ने देश की 75 फीसदी गर्भवती महिलाओं और 70 फीसदी साधारण महिलाओं के बारे में सोचा है, जिनके अंदर खून की कमी पायी जाती है। जरा सोचिये जब सेब और अनार जैसे फलों के दाम 150 रुपए प्रति किलो बिकेंगे, तो इन महिलाओं का खून कैसे बढ़ेगा। राहुल जी अब यह मत कहियेगा कि महंगाई के लिये भी राज्य सरकारें ही जिम्मेदार हैं।
कुल मिलाकर देखा जाये तो अगर राहुल गांधी अपनी मां सोनिया को मदर इंडिया करार देकर वोट बटोरना चाहते हैं, तो उससे पहले उन्हें तमाम ऐसे सवालों के जवाब देने होंगे।













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