'कोई मर्डर नहीं किया, 8 साल चुनाव लड़ने पर रोक अधिक... ', HC में राहुल गांधी की दलील
गुजरात हाईकोर्ट में राहुल गांधी ने 8 साल की सजा पर रोक लगाने की मांग वाली अपनी याचिका पर दलीलें पेश की। अधिवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी ने कहा कि राजनीतिक द्वेष की भावना से की गई कार्रवाई है।

Defamation Case: पीएम मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी के मामले में सजा के बाद संसद से अयोग्य ठहराए जान के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने गुजरात हाईकोर्ट में अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की। शनिवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान सजा पर स्टे लगाने की मांग वाली याचिका पर राहुल गांधी की ओर अधिवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी ने दलीलें पेश की।
राहुल गांधी की ओर पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी के मामले में सजा को लेकर दायर याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति हेमंत एम. प्राच्छक की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका पर शनिवार को सुनवाई के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi in Gujarat High Court) ने अपनी पक्ष रहा। उनके वकील अभिषेक मनुसिंघवी ने कहा कि 8 साल की सजा बहुत है। इस आदेश पर अगर रोक नहीं लगती तो राहुल गांधी का राजनीतिक करियर खराब हो जाएगा। मनुसिंघवी ने इसके पीछे तर्क दिया कि इस तरह के मामले में राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं ऐसे में इतनी गंभीर मामला नहीं है।
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सूरत में एक निचली अदालत ने पीएम मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी को दोषी मानते हुए 2 साल जेल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद संसद ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था। इसके साथ ही आठ साल उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा गई। इस आदेश को राहुल गांधी ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामले में शनिवार को सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के अधिवक्ता अभिषेक मुनसिंघवी ने कहा कि अगर राहुल गांधी की सजा रोक नहीं लगाई जाती तो वे अगले 8 साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाएंगे। जिसका उनके करियर जो असर होगा उसे बदला नहीं जा सकेगा।
अधिवक्ता अभिषेक मुनसिंघवी ने याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति हेमंत एम. प्राच्छक की पीठ के समक्ष तर्क दिया कि जिस अपराध के लिए राहुल गांधी को दोषी माना गया है उसमें किसी तरह से नैतिक पतन तत्व शामिल नहीं हैं। ये एक नॉन कॉग्निजेबल, जमानती अपराध है। इसलिए मामले में सजा को स्थगित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बहुत अधिक गंभीर अपराधों से संबंधित कई मामलों में, न्यायालयों ने दोषसिद्धि पर रोक लगाई है।
अदालत में राहुल गांधी का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अभिषेक मुनसिंघवी ने आगे तर्क दिया कि राहुल गांधी की अयोग्यता और मानहानि के मामले में उनकी सजा पर रोक न लगाने से एक सांसद की रूप में ना केवल उनकी भावनाएं प्रभावित होंगी बल्कि उस निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के हितों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसका वह प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके अलावा पीठ को अवगत कराया कि ऐसे मामलों के कारण सांसद सदन में अपनी आवाज उठाने आवाज उठाने के अधिकार खो देते हैं। इससे देश का जनहित भी प्रभावित होता है।
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