Rahul Gandhi: अमित शाह मानहानि केस में राहुल गांधी को कोर्ट से मिली जमानत, जानिए क्यों दर्ज हुआ था केस?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को झारखंड की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने बुधवार को विपक्ष के नेता को 2018 में अमित शाह के खिलाफ 'अपमानजनक टिप्पणी' करने के मामले में जमानत दी है।
दरअसल, 2 जून को राहुल गांधी ने एक स्पेशल कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसमें उन्हें उसी महीने के अंत में पेश होने का निर्देश दिया गया था।

उनके वकील ने 10 जून को अदालत को सूचित किया कि गांधी 26 जून की सुनवाई में शामिल नहीं हो पाएंगे और उन्होंने एक नई तारीख मांगी। स्पेशल कोर्ट ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया और सुनवाई 6 अगस्त के लिए पुनर्निर्धारित कर दी।
चाईबासा कोर्ट में राहुल गांधी ने किया सरेंडर
झारखंड के चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष न्यायाधीश सुप्रिया रानी तिग्गा (Supriya Rani Tigga) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और मामले में जमानत के लिए आत्मसमर्पण किया। इससे पहले 27 फरवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
इसके बाद 14 मार्च को अदालत ने राहुल गांधी की व्यक्तिगत उपस्थिति पर जोर दिया और वकील द्वारा प्रतिनिधित्व करने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
क्या था पूरा मामला
10 जून को झारखंड हाई कोर्ट ने उन्हें इस मामले में 6 अगस्त तक इस शर्त पर राहत दी थी कि वह व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होंगे। यह मामला चाईबासा निवासी प्रताप कुमार द्वारा दायर एक शिकायत से उपजा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2018 में एक कांग्रेस अधिवेशन के दौरान गांधी ने शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।
अपनी कथित टिप्पणी में राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि कांग्रेस पार्टी में कोई भी हत्यारा राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर नहीं पहुंच सकता। उन्होंने आगे कथित तौर पर यह भी कहा था कि ऐसा केवल भाजपा में ही संभव है (तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष शाह का जिक्र करते हुए)।












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