'सब माल चाइनीज है, मोदी जी को सॉल्यूशन नहीं, नारा लगाने में महारत हासिल', मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी के सवाल
Rahul Gandhi On Make in India: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार 21 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' योजना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा वादा किया गया था कि इस पहल से देश में फैक्ट्री बूम आएगा, लेकिन आज स्थिति यह है कि देश में मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण क्षेत्र) रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है और युवाओं की बेरोजगारी दर बेहद ऊंची है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि 2014 से अब तक देश की मैन्युफैक्चरिंग घटकर GDP का सिर्फ 14% रह गई है, जो एक रिकॉर्ड गिरावट है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चीन से आयात दोगुना हो गया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसका थंबनेल है, ''सब चाइनीज माल'' है। उन्होंने ये भी कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सॉल्यूशन नहीं, सिर्फ नारा लगाने में महारत हासिल है।'

राहुल गांधी पूरा एक्स पोस्ट यहां पढ़ें
राहुल गांधी ने लिखा,
''मेक इन इंडिया ने फैक्ट्री बूम का वादा किया था। तो फिर मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड निचले स्तर पर क्यों है, युवा बेरोजगारी रिकॉर्ड ऊंचाई पर क्यों है और चीन से आयात दोगुना से भी अधिक क्यों हो गया है? मोदी जी ने समाधान नहीं, नारे लगाने की कला में महारत हासिल की है। 2014 से विनिर्माण हमारी अर्थव्यवस्था का 14% तक गिर गया है।''
"सिर्फ असेंबल करते हैं, निर्माण नहीं", राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा,
''दिल्ली के नेहरू प्लेस में दो युवाओं - शिवम और सैफ -ये दोनों युवा होशियार हैं, कुशल हैं, लेकिन उन्हें वह अवसर नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं। सच्चाई यह है कि भारत में हम सिर्फ असेंबल करते हैं, निर्माण नहीं करते। और इसका फायदा चीन को हो रहा है। चीन लाभ कमाता है।''
राहुल गांधी ने कहा,
''कोई नया विचार न होने के कारण, मोदी जी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। यहां तक कि बहुप्रचारित पीएलआई योजना को भी अब चुपचाप वापस ले लिया जा रहा है। भारत को एक मौलिक बदलाव की आवश्यकता है - ऐसा बदलाव जो ईमानदार सुधारों और वित्तीय सहायता के माध्यम से लाखों उत्पादकों को सशक्त बनाए। हमें दूसरों के लिए बाजार बनना बंद करना होगा। अगर हम यहां निर्माण नहीं करेंगे, तो हम उनसे खरीदते रहेंगे जो निर्माण करते हैं। समय बीत रहा है।''
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के जरिए यह सवाल उठाया कि सरकार की नीतियां जमीनी हकीकत पर खरी क्यों नहीं उतर रही हैं और क्या 'मेक इन इंडिया' महज एक प्रचार अभियान बनकर रह गया है?












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