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gujarat election 2017: कांग्रेस टीम की ये गलतियां राहुल गांधी पर पड़ सकती हैं भारी

नई दिल्ली। गुजरात चुनाव में राहुल गांधी सावधान हैं और ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहते जिससे बीजेपी को निशाना साधने का मौका मिले। ये बात अलग है कि कांग्रेस के कार्यकर्ता ही वो गलतियां कर दे रहे हैं जिन्हें बीजेपी मुद्दा बनाकर राहुल गांधी को घेर ले रही है। हाल ही के दो मामलों में ऐसा ही हुआ है। पहले यूथ कांग्रेस ने मोदी का चायवाला कह कर मजाक उड़ाया जिससे पार्टी को खासी फजीहत झेलनी पड़ी और तस्वीर को हटा लिया गया लेकिन इससे कांग्रेस को नुकसान हुआ और बीजेपी ने भावनात्मक फायदा उठाया।

मोदी ने चायवाले को गरीबी से जोड़ा

मोदी ने चायवाले को गरीबी से जोड़ा

यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने भाषण में चायवाला कहने का जवाब दिया और कहा कि उन्होंने चाय बेची, देश नहीं बेचा। मोदी ने चायवाले को गरीबी से जोड़ा और इस तरह गरीबी का मजाक उड़ाने पर कांग्रेस पर हमला बोला। दूसरा मुद्दा सोमनाथ मंदिर को लेकर हुआ जहां उनके मीडिया कॉर्डीनेटर की चूक ने कांग्रेस को पसीना ला दिया। हिंदू होने की गवाही पार्टी को देनी पड़ी। राहुल गांधी मंदिरों में पहुंचकर हिंदू वोट पुख्ता करने की कोशिश कर रहे थे। इस मसले से पार्टी बैकफुट पर आ गई और इसके जवाब में राहुल गांधी की भावनात्मक तस्वीरें जारी की गईं जिसमें वो जनेऊ लेकर राजीव गांधी की अस्थियां चुन रहे हैं।

चुनाव का पूरा रुख हिंदुत्व की ओर मुड़ गया

चुनाव का पूरा रुख हिंदुत्व की ओर मुड़ गया

इस गलती की वजह से चुनाव का पूरा रुख हिंदुत्व की ओर मुड़ गया। कांग्रेस तीन मुद्दों पर फोकस किए हैं। एक तो विकास के मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घेराबंदी और गुजरात में किए गए वायदों की याद दिलाना। दूसरा मुद्दा है जातिगत समीकरण साधे रखना जिसमें पाटीदार, क्षत्रिय, दलित, आदिवासी और मुस्लिम। पार्टी जान रही है कि यदि ये वोट बैंक साथ आ गया तो बीजेपी को मात देने में आसानी हो जाएगी। पार्टी की तीसरी रणनीति नरम हिंदुत्व की छवि बनाने की है जिसमें मुस्लिम भी साथ बना रहे और हिंदू वोट भी। इसीलिए राहुल गांधी बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व के मुद्दे से बचते हैं जबकि बीजेपी के साथ ये समस्या नहीं। बस इसी नरम हिंदुत्व और कट्टर हिंदुत्व के बीच की कड़ी में बीजेपी अपना रास्ता देख रही है ताकि हिंदू मुस्लिम वोट का विभाजन होने पर फायदा उठाया जा सके। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ मंदिर के इतिहास को खंगाल रहे हैं और अमित शाह कहते हैं कि चलो, राहुल गांधी को सुध तो आई मंदिर जाने की।

राहुल गांधी ने मोदी का व्यक्तिगत रूप मजाक उड़ाने से रोका

राहुल गांधी ने मोदी का व्यक्तिगत रूप मजाक उड़ाने से रोका

राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पहले ही हिदायत दे दी थी कि एक तो मोदी का व्यक्तिगत रूप मजाक नहीं उड़ाना है, चायवाला तस्वीर वही गलती थी जो मना करने पर भी हुई। दूसरी गलती गैर हिंदू के रजिस्टर में नाम दर्ज करने की हुई। हांलाकि जनेऊ की तस्वीरों से कांग्रेस ने राहत की सांस ली है लेकिन इस मुद्दे से चुनाव का रुख तो बदला ही है। जाहिर है कि ये चुनाव कांग्रेस के लिए आसान है क्योंकि उसे कुछ खोना नहीं है, बल्कि पाना ही है जबकि बीजेपी के साथ 22 साल लगातार सत्ता में काबिज होने की एंटी इन्कम्बैंसी और केंद्र के तीन साल के विकास का जवाब देना है। अभी पहले चरण के मतदान में एक सप्ताह है और बीजेपी ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती जहां राहुल गांधी या कांग्रेस कोई गलतबयानी करे और उसे मुद्दा बना दिया जाए। इन सबके बीच आने वाले दिन और भी दिलचस्प होने वाले हैं।

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