'ये बहुत बड़ी चाल है...' प्रेमानंद महाराज के लिए क्या बोल गए प्रदीप मिश्रा
कथावाचक प्रदीप मिश्रा और संत प्रेमानंद महाराज के बीच इन दिनों सब कुछ ठिक ठाक चलता दिखाई नहीं दे रहा है, जहां इन दिनों ओंकारेश्वर के पास थापना में शिव पुराण कथा का वाचन कर रहे कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने इस विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए इसे सनातन धर्म के खिलाफ षड़यंत्र बताया है।
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ओंकारेश्वर के समीप थापना में शिव महापुराण कथा का वाचन कर रहे है। गुरुवार को पंडित मिश्रा बड़वाह के दादा दरबार आश्रम पधारे थे। यहां उन्होंने मंदिर में श्रीदादाजी की चरण पादुकाओं के दर्शन पूजन तो किए ही, साथ ही उनके राजमहल में भी पहुंचे। इस दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए वायरल वीडियो और संत प्रेमानंद महाराज के वचनों पर अपनी बात रखी है।

कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने कहा कि, कई चीजे हैं उसमें, जो वीडियो बनाया गया है, वह कांट-छांट कर बनाया गया है, पूर्ण वीडियो जनमानस में नहीं दिया गया। किसी भी तरह से सनातन धर्म को नष्ट करने के लिए संतों को आपस में लड़ाने के लिए, गुरुओं को ब्राह्मणों को आपस में भिड़ाने का यह प्रयास है। इसमें कहीं ना कहीं बहुत बड़ी चाल चली जा रही है। वह चाल साधारण नहीं है। कहीं ना कहीं से पैसा आया होगा, तो वह लेकर इन्होंने चाल चलने का प्रयास किया है। सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास किया है।
कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने कहा की, प्रेमानंद महाराज तो सहज और सरल संत हैं। सरल संत के हृदय में कभी कोई भी पाप नहीं होता, उनके पास भी वह वीडियो गई होगी, किसी ने उस वीडियो पर कुछ बोला होगा, तो उनको क्रोध आया होगा, उनका मार्गदर्शन हमें भी मिला है। संपूर्ण देश को मिला है, उनके चरणों में साधुवाद है। दंडवत प्रणाम है। बृजवासियों के चरणों में नमन है। राधा-रानी के चरणों में नमन है। हमारा शिश उनके चरणों में सदा झुकता है।
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