रवींद्रनाथ टैगोर 80वीं पुण्यतिथि: गुरुदेव के ये 10 अनमोल विचार, जिंदगी जीने का सिखाते हैं तरीका
रवींद्रनाथ टैगोर 80वीं पुण्यतिथि: गुरुदेव के ये 10 अनमोल विचार, जिंदगी जीने का सिखाते हैं तरीका
नई दिल्ली, 07 अगस्त: रवींद्रनाथ टैगोर की आज (07 अगस्त) 80वीं पुण्यतिथि है। रवींद्रनाथ टैगोर एक महान कवि, लेखक, नाटककार, संगीतकार, दार्शनिक, समाज सुधारक और चित्रकार भी थे। राष्ट्रगान 'जन गण मन' के रचयिता रवींद्रनाथ टैगोर को रबी, गुरुदेव और बिस्वाकाबी नामों से भी जाना जाता है। रवींद्रनाथ टैगोर ने इस दुनिया को अलविदा 7 अगस्त 1941 को किया था लेकिन उनके अनमोल विचार हमारे बीत अमर हैं। रवींद्रनाथ टैगोर के काम ने कलाकारों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है और आगे भी उनकी धरोहर ये काम करते रहेगी।
Recommended Video

रवींद्रनाथ टैगोर कहानियों और कविता की सूक्ष्म प्रतिभा ने दुनियाभर में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है। वह एक बहुआयामी प्रतिभा की शख्सियत के मालिक थे। रवींद्रनाथ टैगोर पहले ऐसे गैर-यूरोपीय व्यक्ति थे जिन्हें कविता 'गीतांजलि: सॉन्ग ऑफरिंग्स' के लिए साहित्य में नोबेल पुरस्कार मिला था। रवींद्रनाथ टैगोर ने 19वीं सदी के आखिर और 20वीं सदी की शुरुआत में आधुनिकतावाद के साथ बंगाली साहित्य, संगीत के साथ-साथ भारतीय कला को भी नया रूप दिया।
रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कलकत्ता के जोरासांको हवेली में हुआ था। उनके पिता का नाम देबेंद्रनाथ टैगोर और मां का नाम शारदा देवी था। रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी मां को 14 साल की छोटी उम्र में ही खो दिया था। रवींद्रनाथ टैगोर ने 17 साल की उम्र में इंग्लैंड के ईस्ट ससेक्स के ब्राइटन में एक पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया था। उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में कानून की पढ़ाई की। हालांकि उन्होंने लॉ का काम भी बहुत जल्द छोड़ दिया था और साहित्य का अध्ययन करना शुरू कर दिया। वह अंग्रेजी, आयरिश और स्कॉटिश लोक धुनों से प्रेरित थे। वह वर्ष 1880 में भारत लौट आए थे।
रवींद्रनाथ टैगोर की 80वीं पुण्यतिथि पर, पढ़ें उनके ये 10 अनमोल विचार
- मौत प्रकाश को खत्म करना नहीं है, ये सिर्फ भोर होने पर दीपक बुझाना है।
- प्रसन्न रहना बहुत सरल है लेकिन सरल होना बहुत कठिन है।
- सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग, एक ऐसे चाकू की तरह है, जिसमें सिर्फ ब्लेड है। यह इसका प्रयोग करने वालों के हाथ से खून निकाल देता है।
-मनुष्य कला में स्वयं को प्रकट करता है न कि अपनी वस्तुओं को।
-आइए, हम यह प्रार्थना ना करें कि हमारे ऊपर खतरा ना आए, बल्कि ये प्रार्थना करे कि हम उनका निडरता से सामना करें।
-पंखुडियां तोड़कर आप फूल की खूबसूरती नहीं इक्ट्ठा करते हैं।
- हम दुनिया में तब जीते हैं जब हम इस दुनिया से प्रेम करते हैं।
-केवल खड़े होकर पानी को ताकते रहने से आप नदी को पार नहीं कर सकते हो।
-जब हम विनम्र होते हैं, तब हम महानता के सबसे करीब होते हैं।
- एक कलाकार प्रकृति का प्रेमी है अत: वह उसका दास भी है और स्वामी भी है।
-
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
Bengaluru Metro Pink Line: मेट्रो पिंक लाइन का शुरू हो रहा ट्रायल, जानें रूट और कब यात्री कर सकेंगे सवारी? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications