99 देशों के पूर्ण टीकाकरण वाले यात्रियों को भारत आने पर क्वारंटाइन से छूट, इन नियमों का करना होगा पालन
नई दिल्ली, 15 नवबंर: भारत सरकार की ओर से हाल ही जारी अपनी अपडेट नोटिफिकेश के मुताबिक 99 देशों के यात्रियों, जिन्हें कोरोना वायरस का पूरी तरह से टीका लगाया जा चुका है। उन्हें भारत आने पर क्वारंटाइन में छूट दी गई है। केंद्र सरकार ने सोमवार को अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, कतर, फ्रांस और जर्मनी सहित 99 देशों के फुली वैक्सीनेटड यात्रियों को भारत आने पर क्वारंटाइन से राहत दी है।

इन देशों में जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी और इजराइल शामिल हैं। उनको सरकारी अधिसूचना में 'श्रेणी ए' के तहत लिस्टेड किया गया है। इन 99 देशों के यात्रियों को अनिवार्य क्वारंटाइन से छूट दी गई है, हालांकि उन्हें कुछ मानदंडों का पालन करना होगा, जो सभी यात्रियों के लिए समान रहेंगे। इन देशों के यात्रियों को भारत आने से पहले 72 घंटे के अंदर प्राप्त कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट के अलावा, अपना फुली वैक्सिनेटेड सर्टिफिकेट भी एयर सुविधा पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
'श्रेणी ए' सूची में शामिल देश
केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना में उल्लिखित 'श्रेणी ए' सूची में 99 देश शामिल हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन, इजराइल, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, बांग्लादेश, फिनलैंड, क्रोएशिया, हंगरी, रूस, फिलीपींस, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तुर्की और नेपाल सहित कई देश इस लिस्ट में शामिल हैं।
'श्रेणी ए' देशों के पूरी तरह से टीकाकरण वाले यात्रियों को क्वारंटाइन फ्री कर दिया है, हालांकि उन्हें भारत आने की तारीख से शुरू होने वाले 14 दिनों के लिए अपने स्वास्थ्य की स्वयं निगरानी करनी होगी। यदि वे कोविड -19 के लक्षण और लक्षण विकसित करते हैं या दोबारा टेस्ट होने पर पॉजिटिव आते हैं तो वे तुरंत क्वारंटाइन हो जाएंगे और अपनी पास के स्वास्थ्य सुविधा को रिपोर्ट करेंगे या नेशनल हेल्पलाइन नंबर (1075) / राज्य हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करेंगे जानकारी देंगे।।
वहीं जिन यात्रियों को कोरोना का एक टीका लगाया गया है या कोविड -19 के खिलाफ टीका नहीं लगाया गया है, उन्हें भारत आने पर परीक्षण के लिए अपना नमूना जमा करना होगा। उन्हें सात दिनों के लिए होम क्वारंटाइन से गुजरना होगा। आठवें दिन फिर से एक कोविड -19 परीक्षण करना होगा और यदि नकारात्मक पाया जाता है तो अगले सात दिनों के लिए उनके स्वास्थ्य की आगे स्वयं निगरानी में रहना होगा।
यह देश 'जोखिम वाले देशों' की श्रेणी में
कुछ देश भारत की ओर से 'एट रिस्क' यानी 'जोखिम वाले देशों' की श्रेणी में रखा है। इन देशों में दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, मॉरीशस, बांग्लादेश और यूके सहित 10 देश शामिल हैं। गाइडलाइन में कहा गया कि जोखिम वाले देशों को छोड़कर अन्य देशों के यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर जाने की अनुमति होगी और भारत में आगमन के बाद 14 दिनों के लिए वे अपने स्वास्थ्य की स्वयं निगरानी करेंगे।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार छूट 12 नवंबर से प्रभावी है और अगले आदेश तक लागू रहेगी। हालांकि जोखिम मूल्यांकन के आधार पर दिशानिर्देशों की समीक्षा "समय-समय पर" की जाएगी।












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