Raja Raghuvanshi Case: सोनम रघुवंशी को कोर्ट ने क्यों दी जमानत? पति की हत्या की आरोपी जेल से होगी रिहा
Raja Raghuvanshi Honeymoon Murder Case: इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय की एक अदालत ने जमानत दे दी है। गिरफ्तारी के बाद से सोनम शिलॉन्ग जेल में बंद थीं, जहां से 10 महीने बाद अब उसे रिहा करने की अनुमति मिली है। सोनम पर पिछले साल नार्थ-ईस्ट में हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है। यह घटना उस वक्त सुर्खियों में आ गई थी, जब राजा अपनी शादी के कुछ समय बाद ही मृत पाए गए थे और उनकी पत्नी पर अपने प्रेमी के साथ हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगा था।
हालांकि, कोर्ट ने 28 अप्रैल को सोनम रघुवंशी को जमानत पर रिहा करने की अनुमति दे दी है लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया, "आरोपी सोनम रघुवंशी को अदालत ने जमानत दे दी है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है, और पुलिस कानून के अनुसार मामले की जांच जारी रखेगी।" जानते हैं पति राजा की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को कोर्ट ने क्यों और किस आधार पर दी जमानत?

सोनम रघुवंशी को कोर्ट ने क्यों दी जमानत?
कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए बताया, 2024 के इस चर्चित हत्याकांड की आरोपी सोनम को उसकी गिरफ्तारी के पुख्ता कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताए गए थे, जिससे उसके बचाव के अधिकार पर सीधा असर पड़ा है और अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
किस गलती का सोनम रघुवंशी को मिला लाभ?
अदालत ने पाया कि पुलिस की एक प्रक्रियात्मक चूक ने सोनम रघुवंशी के बचाव को कमजोर करने के बजाय उसे राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। रिकॉर्ड में यह भी स्पष्ट नहीं था कि गाजीपुर कोर्ट में पहली पेशी के दौरान उसके साथ कोई वकील मौजूद था या नहीं। इसी आधार पर अदालत ने उसे सशर्त जमानत देते हुए शिलांग छोड़कर न जाने की शर्त लगाई।
क्या यूपी पुलिस की गलती से बच गईं सोनम रघुवंशी?
मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने दावा किया कि उन्हें वकीलों और पुलिस अधिकारियों से यह जानकारी मिली कि अदालत ने पुलिस की एक अहम चूक के कारण सोनम रघुवंशी को यह राहत प्रदान की है। विपिन के अनुसार, 'गाजीपुर से सोनम को उठाते समय पुलिस ने उसे गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया था, जबकि यह बताना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। आरोपी के वकील ने इसी चूक को आधार बनाकर दलीलें पेश कीं और अदालत ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली।' Sonam की ओर से अदालत में दी गई अन्य विस्तृत दलीलों की जानकारी अभी आनी बाकी है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड में कब और क्या-क्या हुआ?
🟢इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई निर्मम हत्या का मामला पूरे देश को झकझोर देने वाला साबित हुआ। इस सनसनीखेज वारदात में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा को मुख्य आरोपी बनाया गया।
🟢पुलिस जांच में सामने आया कि 11 मई 2024 को इंदौर में शादी से पहले ही, करीब 11 दिन पहले, इस हत्या की साजिश रच ली गई थी।
🟢शादी के बाद 20 मई को नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय पहुंचा और 21-22 मई को शिलांग से चेरापूंजी के नोंगिरात गांव में ठहरा।
🟢23 मई की सुबह दोनों ट्रेकिंग के लिए निकले और दोपहर तक अपने परिवार से संपर्क में भी रहे, लेकिन इसी दिन दोपहर 1:30 से 2 बजे के बीच 'वेई सॉडोंग' वाटरफॉल के पास तीन सुपारी किलरों-विशाल, आनंद और आकाश-ने राजा की गला रेतकर हत्या कर दी और शव को खाई में फेंक दिया।
🟢हत्या के तुरंत बाद सोनम ने भटकाने के लिए राजा के फोन से सोशल मीडिया पर 'सात जन्मों का साथ' लिखकर तस्वीर पोस्ट की, फिर फोन फेंककर फरार हो गई।
🟢24 मई को परिवार ने लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई और बाद में राजा की स्कूटी लावारिस मिली। 2 जून को पुलिस ने खाई से सड़ी-गली हालत में राजा का शव बरामद किया, जिसकी पहचान स्मार्टवॉच और टैटू से हुई।
🟢9 जून को सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली, जहां उसने पहले अपहरण की झूठी कहानी बनाई, लेकिन 11 जून को पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया और प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रचने की बात स्वीकार की।
🟢मामले में 5 सितंबर 2025 को 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई और 28 अक्टूबर 2025 को अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए। अब 28 अप्रैल 2026 को सोनम रघुवंशी को सशर्त जमानत मिल गई है।














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