मिलिए कलयुग के कुंभकरण पुरखाराम से, जो 25 दिनों तक लगातार सोते हैं
नागौर, 12 जुलाई। रामायण के कुंभकरण का नाम तो आपने सुना ही होगा लेकिन आज हम आपको कलयुग के कुंभकरण से मिलवाने जा रहे हैं जो 25 दिनों तक सोते रहते हैं। इस बात पर विश्वास करना तो मुश्किल है लेकिन ये सच्चाई है। ये शख्स राजस्थान के नागौर जिले का है। जिनका नाम पुरखाराम हैं जो वर्ष में 300 दिनों तक सोते हैं।

जानिए पुरखाराम को क्यों आती हैं इतनी नींद
42 साल के पुरखाराम वर्ष के 365 दिन में 300 दिन तक सोते है। सोते में ही वो खाना-पीना और नहाना भी कर लेते हैं। दरअसल डॉक्टरों के अनुसार पुरखाराम पिछले कई सालों से 'एक्सिस हायपरसोम्निया' बीमारी से ग्रसित है, ये एक साइकोलॉजिकल बीमारी है। ये बहुत ही रेयर बीमारी हैं इस बीमारी के कारण ही ये शख्स 25 दिनों तक नहीं जागते।
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23 साल पहले इस बीमारी की हुई थी शुरूआत
पुरखाराम को ये बीमारी 23 साल पहले शुरू हुई थी। शुरूआती दौर में ये 18-18 घंटे सोते थे। धीरे-धीरे इनकी नींद बढ़ती गई, अब ये आलम हैं कि ये अधिकांश समय सोते ही नजर आते हैं। पुरखाराम को लोग कुंभकरण के नाम से पुकारते हैं।

धीरे-धीरे बढ़ती गई नींद की अवधि
नागौर जिले के परबतसर उपखंड के भादवा गांव निवासी पुरखाराम किराने की दुकान चलाते हैं जिसे वो अपनी बीमारी के कारण महज 5 से 6 दिन ही दुकान खोल पाते हैं। पुरखाराम के परिवार ने बताया 20-25 दिनों तक नहीं जागते, शुरूआत में पांच छह दिन ही सोते थे, हम उन्हें खाने को दे देते थे वो सोते हुए खाते और पड़ जाते थे। घर वाले कितना भी जगाते हैं तो भी वो नहीं जागते थे।

पुरखाराम ने बयां किया अपना दर्द
पुरखाराम की सोने की आदत से त्रस्त होकर उनके परिजनों जब डॉक्टर को दिखाया तो इस बीमारी का पता चला। 2015 से उनकी यह बीमारी बढ़ गई। बीते रविवार को उनकी पत्नी ने बहुत प्रयास किया तो उसके पति की नींद खुली और 12 दिन बाद पुरखाराम ने अपनी दुकान खोली। पुरखाराम ने कहा मैं अपनी इस बीमारी से परेशान हूं, भूखे रहता हूं तो नींद नहीं आती, लेकिन कितने दिन नहीं खाऊं, जीने के लिए तो खाना तो पड़ेगा ही।

डॉक्टरों के अनुसार इन वजहों से हो सकती ये दुर्लभ बीमारी
पुरखाराम अब दवा खाकर थक चुके हैं उनकी मां कंवरी देवी और पत्नी लिछमी देवी को अभी भी उम्मीद है कि वो ठीक हो जाएंगे। विशेषज्ञ डॉक्टर के अनुसार ये हायरपरसोम्रिया का मामला है। ये बीमारी रेयर है। किसी को अगर पुराना ट्यूमर या पहले कभी हेड इंज्यूरी हुई हो तो ऐसी बीमारी होती है। डॉक्टरों के अनुसार बीमारी का सही समय पर डाइग्नोसिस करने से ट्रीटमेंट संभव है।












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