केक खाने से बच्ची की मौत: उलझता जा रहा पूरा मामला, अब दादा बोले- हमसे नहीं ली गई Cake की सैंपल

Patiala girl dies Cake Tragic: पंजाब के पटियाला में ऑनलाइन मंगाए गए केक को खाने से हुई 10 साल की बच्ची की मौत का मामला उलझता ही जा रहा है। 24 मार्च को हुई इस घटना के बाद अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि आखिर बर्थडे केक में ऐसा क्या था कि खाने से बच्ची की मौत हो गई।

अब मृतका बच्ची मानवी के दादा हरबन लाल ने पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दादा ने स्वास्थ्य विभाग पर भी लापरवाही से काम करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं केस में डिलीवरी वाले दुकान के एड्रेस को लेकर भी मामला फंस गया है।

Patiala girl dies Cake Tragic

पुलिस ने 3 लोगों को 'केक खाने से मौत के मामले में' किया गिरफ्तार

पटियाला पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों की पहचान की है और उनमें से 3 को गिरफ्तार किया है। चारों की पहचान ग्रीन व्यू कॉलोनी के गुरमीत सिंह, रंजीत, पवन मिश्रा और विजय कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया है।

परिवार का आरोप- मौत के 5 दिन बाद दर्ज की गई FIR

पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले में एफआईआर भी बत्ती की मौत के 5 दिन बाद दर्ज की गई थी। परिवार ने यह भी कहा है कि स्वास्थ्य विभाग ने उनकी बिल्कुल भी मदद नहीं की।

मानवी ने 24 मार्च को अपना जन्मदिन मनाया था और परिवार के सो जाने के कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई थी। परिवार ने कहा कि केक खाने के बाद से ही बच्ची को उल्टी हो रही थी और मौत से पहले भी उसको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। केक खाने वाले परिवार के अन्य लोग भी बीमार पड़ गए थे।

परिवार का कहना है कि इस घटना को स्थानीय मीडिया ने उठाया, तब यह मुद्दा हर जगह चला है। दादा ने एनडीटीवी को बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सतर्कता की कमी परेशान करने वाली है।

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'स्वास्थ्य विभाग ने केक का सैंपल लेने से किया था मना'

दादा ने कहा है कि, ''स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने उस केक का सैंपल लेने इनकार कर दिया जो हमने ऑर्डर किया था। यानी जिसको खाने से बच्ची की मौत हुई थी। हमें अधिकारी ने जोर देकर कहा कि वे केवल उस दुकान से ही केक का सैंपल लेंगे..जिस बेकरी में केक बनाया गया था।''

ऑनलाइन एड्रेस पर नहीं थी कोई Cake डिलीवरी की दुकान

24 मार्च की शाम 6 बजे बच्ची मानवी की मां ने पटियाला के कान्हा फर्म से केक ऑनलाइन मंगवाया था। मानवी की मौत के बाद जब परिवार वालों ने केक भेजने वाले कान्हा फर्म के खिलाफ शिकायत की तो...जांच में पता चला कि दिए गए एड्रेस पर कोई केक की शॉप नहीं है। पते पर कोई कान्हा फर्म नाम की बेकरी शॉप नहीं थी।

इसके बाद बच्ची के परिवार वालों ने आईडी बदल कर फिर से 30 मार्च को जोमैटो के जरिए उसी कान्हा फर्म से फिर एक केक मंगवाया। जब डिलीवरी एजेंट केक देने पहुंचा तो परिवार वालों ने उसको पकड़ लिया और फिर दुकान के एड्रेस का पता चला।

केक के दुकान वाले ने पुलिस को भी किया हैरान

डिलीवरी एजेंट के साथ जब परिवार और पुलिस केक भेजने वाली दुकान पर पहुंची तो वहा पता चला कि कान्हा फर्म फर्जी था और केक 'न्यू इंडिया बेकरी' से भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक न्यू इंडिया बेकरी के मालिक ने ही कान्हा फर्म नाम से एक और बेकरी जोमैटो पर रजिस्टर कर रखी थी।

पटियाला पुलिस ने पूरे मामले पर क्या कहा?

पटियाला के पुलिस अधीक्षक सरफराज आलम ने कहा, "हम क्लाउड किचन की इस कॉन्सेप्ट की भी जांच कर रहे हैं क्योंकि बेकरी का नाम जोमैटो में बदलता रहता है।"

एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि लड़की के परिवार ने गुरुवार को उनसे मुलाकात की। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने कहा, "मैंने उनसे पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में औपचारिक शिकायत दर्ज करने के लिए कहा। फूड टीमों को घर का दौरा करने और केक का सैंपल इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया।"

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