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पंजाब विधानसभा चुनाव 2017: 'लांबी' में कांटे की जंग, कैप्टन-जरनैल के बीच फंसे सीएम बादल

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लांबी (मुक्तसर)। पंजाब विधानसभा चुनाव इस बार बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, ऐसा इसलिए होगा क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने इस बार बीजेपी-अकाली दल गठबंधन से सीधी टक्कर की योजना बनाई है। कांग्रेस पार्टी ने इसी के मद्देनजर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए कई सीटों पर उम्मीदवारों को बदल दिया। इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सीट भी शामिल है। जहां से कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह को मैदान में उतारा है। पांच बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल लांबी सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनसे टक्कर के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को इस सीट से नामांकन किया।

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प्रकाश सिंह बादल ने संभाली चुनाव प्रचार की कमान

अमरिंदर सिंह के लांबी से चुनाव मैदान में उतरने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल ने निशाना साधा है। उन्होंने खुदियां में एक चुनाव कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पटियाला वाले और दिल्ली वाले क्या लांबी को लावारिस समझते हैं, इस इलाके के लोगों को इस बात काफी नाराजगी है। प्रकाश सिंह बादल ने अपने इस संबोधन से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों पर ही निशाना साधा। बता दें को अमरिंदर सिंह पटियाला सीट के साथ-साथ लांबी से भी चुनाव मैदान में हैं। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने लांबी सीट से जरनैल सिंह को मैदान में उतारा है। जरनैल सिंह दिल्ली से विधायक थे लेकिन इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने दिल्ली की सीट से इस्तीफा दे दिया। प्रकाश सिंह बादल ने चुनाव कार्यक्रम के दौरान दोनों विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्हें बाहरी करार दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी बाहरी कभी इलाके के लोगों की समस्या को नहीं समझ सकता है।

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खुदियां के गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 200 लोगों की भीड़ उन्हें सुन रही थी। इनमें खास तौर से गरीब और भूमिहीन ग्रामीण नजर आ रहे थे, जो मुख्यमंत्री की बातें चुपचाप सुन रहे थे। वहीं एक शख्स का कहना था कि प्रकाश सिंह बादल लांबी से जुड़े हुए हैं वो चाहकर भी यहां से छोड़कर नहीं जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अब यहां कैप्टन अमरिंदर सिंह और आम आदमी पार्टी सीधी टक्कर में आ गए हैं। प्रकाश सिंह बादल हर चुनावी सभा में ग्रामीणों को अमरिंदर सिंह के बेटे की बात सबके सामने रखते हैं। वो बताते हैं कि कैसे 2009 के लोकसभा चुनाव में बठिंडा सीट से उनकी पुत्र-वधू हरसिमरत कौर बादल ने अमरिंदर सिंह के बेटे रनिंदर सिंह को 1.5 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था। लांबी इसी संसदीय सीट का हिस्सा है।

प्रकाश सिंह बादल लगातार विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। हक्कुवाला में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने विरोधियों पर बेहद खास अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज बिना ना धरम चले है, धरम बिना सब गले मिले हैं। प्रकाश सिंह बादल खास तौर से दोनों विरोधी उम्मीदवारों अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल को बाहरी कह के निशाना साधा है। उन्होंने मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार लांबी के सभी वोटरों को एकजुट होने की जरूरत है। ये ठीक उसी तरह होगा जैसे गांव किसी एक घर में आग लग जाए तो पूरा गांव एक हो जाता है। उन्होंने कहा कि पटियाला और दिल्ली की नजरें आपकी विधानसभा पर टिकी हुई हैं। शिरोमणि अकाली दल को 'कविशर' ग्रुप से काफी उम्मीदें रहती हैं, ये ग्रुप प्रकाश सिंह बादल के प्रचार के लिए पहुंचने से पहले लोगों की भीड़ जुटाने में अहम रोल अदा करता है।

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English summary
punjab assembly elction 2017: Amarinder singh as rival Lambi is no short dash for CM Parkash Singh Badal.
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