फिल्म देखकर लूटे कई पेट्रोल पंप, बहन को एयरहोस्टेस बनाने के लिए खर्च किए 7 लाख, गिरफ्तार
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने लूट की एक ऐसी वारदात का खुलासा किया है, जिसमें बहन-भाई, मां-बाप और पति-पत्नी तक सभी शामिल है। सबसे खास बात यह है कि लूट की रकम से भाई ने न केवल घर खरीदा बल्कि, बहन ने एयर होस्टेस बनने का सपना भी पूरा कर लिया। पुलिस की मानें तो इस परिवार ने कुछ महीनों पहले पुणे के सातारा रोड़ स्थित पेट्रोल पंप का 27 लाख रुपये लूटा था। लूट की योजना इस तरह से तैयार की गई थी कि पुलिस कभी उन तक पहुंच ही न पाए।

पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुणे पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी की बहन एयर होस्टेस बनना चाहती थी। इसलिए लूट की रकम से उसकी ट्रेनिंग के लिए 7 लाख रुपए खर्च किए गए। इससे पहले भी यह फैमिली दो अन्य पेट्रोल पंपों पर लूट की वारदात को अंजाम दे चुकी थी, जिससे आरोपियों ने घर खरीदा था। पुणे की क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने कड़ी मशक्कत के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी आहद महबूब चौधरी उर्फ लतीफ बागवान (20), साकीब महबू चौधरी ऊर्फ लतीफ बागवान (20), तौसिफ उर्फ मोसीन जमीर सैय्यद (23), सूरज उर्फ मोटा उर्फ दस्तगीर शमशुद्दीन यालगी (19) और जमीर अहमद हुसैन सैय्यद (59) हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से बाइक, कार, दो स्कूटर, मोबाइल फोन सहित कुल 29 लाख 68 हजार रुपए भी जब्त किए है।

पहले की थी प्लानिंग
लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद पूरे परिवार ने मिलकर लूट की रकम को बेंगलुरु में छिपाया। तौसिफ उर्फ मोसीन जमीर सैय्यद का परिवार पहले से ही जनता था कि वो पेट्रोल पंप लूटने वाला है। लूट की रकम को कहां छुपाना है इसकी प्लानिंग पूरे परिवार ने पहले से ही कर रखी थी, ताकि एन वक़्त पर किसी तरह से मुश्किल न आये। शातिर अपराधियों की तरह पुलिस से बचने के लिए चोरी के सिम और मोबाइल का इस्तेमाल किया करते थे।

रेकी की और घात लगाकर बोला हमला
तौसिफ उर्फ मोसीन जमीर सैय्यद ने अपने पहले पेट्रोल पंप की रेकी थी। एक दिन पेट्रोल भरवाते समय उसने पंप से कैश जाते देखा तो कर्मचारी से बातों-बातों में मालूम कर किया कि कैश कब और कहाँ जाता है। इसके बाद आरोपियों ने बैंक की शनिवार और रविवार की छुट्टी का इंतजार किया ताकि पंप में ज्यादा कैश जमा हो सके। इसके बाद उन्होंने घात लगाकर वारदात को अंजाम दे दिया।

धूम से मिली थी प्रेरणा
आरोपियों ने धूम फिल्म देखकर लूट की योजना बनाई थी। सबसे पहले चोरी के लिए मोबाइल, सिम कार्ड और गाड़ियों का इंतजाम किया गया। काम पूरा होने के बाद मोबाइल, गाड़ियों और वारदात के दिन पहने कपड़ों को आरोपी लुल्लानगर के पास घनी झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गए। पुलिस की पहुंच से दूर जाने के लिए कभी वाल्वो बस या फ्लाइट से वह महाराष्ट्र से बाहर अपना ठिकाना बदलते रहे।

आरोपी को पकड़ने के लिए नमाज अदा की
तौसिफ ने लूट के आधे पैसे अपनी बहन और आधे अपने पिता के पास रखे थे। पिता को गिरफ्तार करने के लिए पुणे पुलिस ने चेन्नई स्थित दरगाह में डेरा डाला। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए डेढ़ घंटे तक नमाज अदा की। ताकि आरोपी को पुलिस के आने की भनक न हो सके। जैसे ही नमाज खत्म हुई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।












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