पुणे बस स्टेशन पर महिला पर हमला; पुलिस हिस्ट्रीशीटर की तलाश में जुटी
पुलिस ने बुधवार को बताया कि पुणे के स्वारगेट बस स्टेशन पर खड़ी राज्य परिवहन बस में एक 26 वर्षीय महिला के साथ कथित रूप से बलात्कार हुआ है। मंगलवार की तड़के हुई यह घटना, विपक्षी शिवसेना यूबीटी द्वारा विरोध प्रदर्शन का कारण बन गई है। पुलिस ने आरोपी, 36 वर्षीय दत्तात्रेय रामदास गडे को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें बनाई हैं, जिसके खिलाफ आपराधिक गतिविधि का इतिहास है।

विपक्ष ने गृह विभाग की देखरेख करने वाले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इस अपराध के लिए आलोचना की है। प्रतिक्रिया में, सरकार ने बस स्टेशन पर सभी निजी सुरक्षा गार्डों को बदलने का आदेश दिया है और परिवहन मंत्रालय के माध्यम से एक विभागीय जांच शुरू की है। गडे, जो 2019 से लूट के मामले में जमानत पर बाहर है, के खिलाफ पुणे और अहिल्यानगर जिले में कई चोरी और लूट के आरोप हैं।
पीड़िता सुबह करीब 5:45 बजे फाल्तान के लिए बस का इंतजार कर रही थी, तभी गडे उसके पास आया और उसने खुद को कंडक्टर बताया। उसने उसे परिसर में खड़ी एक खाली शिव शाही एसी बस में ले गया। बस के अंदर रोशनी न होने के कारण शुरुआती झिझक के बावजूद, गडे द्वारा मनाए जाने के बाद वह अंदर चली गई। फिर वह उसके पीछे-पीछे बस में घुस गया और अपराध करने के बाद भाग गया।
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने बताया कि बस सोलापुर से सुबह 3:40 बजे आई थी और उसे गन्ना जूस की दुकान के पास खड़ा किया गया था। घटना का पता चार घंटे बाद सुबह 10 बजे ही चला। पुलिस उपायुक्त स्मार्टना पाटिल ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में महिला को गडे के साथ बस की ओर जाते हुए दिखाया गया है।
जांच और प्रतिक्रियाएं
पीड़िता ने घटना की तुरंत रिपोर्ट नहीं की, बल्कि घर जाते समय एक दोस्त को बताया। अपने दोस्त की सलाह पर, वह शहर की सीमा के अंदर उतर गई और पुलिस स्टेशन को सूचित किया। गडे का पता लगाने के लिए आठ पुलिस टीमें बनाई गई हैं, जिसके खिलाफ शिक्रापुर और शिरूर पुलिस स्टेशन की सीमा में भी आरोप हैं।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे के पुलिस आयुक्त को जांच में तेजी लाने और गडे को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। पवार ने घटना को दर्दनाक और शर्मनाक बताया और कहा कि आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक और जनता की प्रतिक्रिया
राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्वारगेट स्टेशन के सभी 23 निजी सुरक्षा गार्डों को बदलने का आदेश दिया और एमएसआरटी के प्रबंध निदेशक विवेक भीमांवर को सात दिनों के भीतर जांच करने का निर्देश दिया। स्थानीय शिवसेना यूबीटी कार्यकर्ताओं ने स्वारगेट स्टेशन में प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप सुरक्षा कार्यालय में तोड़फोड़ हुई।
एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के लिए आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज विरोधी तत्वों में भय की कमी को दर्शाती हैं। राज्य कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल का दावा है कि महाराष्ट्र में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं।












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