पुलवामा अटैक: हमलावर आदिल के पिता ने कहा- जवानों की मौत का हमें भी दुख
नई दिल्ली। गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हमला कर 40 जवानों को शहीद कर देने वाले फिदायीन हमलावर आदिल के पिता ने कहा है कि उन्हें इस घटना का दुख है। हमले में आदिल ने खुद को भी उड़ा लिया था। आदिस पुलवामा जिले के काकापोरा गांव में रहने वाले गुलाम डार का बेटा था। हमले के बाद आसपास के लोग भी गुलाम डार के पास संवेदना जताने आ रहे हैं।

हम खुशी नहीं मना रहे हैं
गुलाम डार ने मीडिया से कहा, कश्मीर सालों से हिंसा को देख रहा है, इसलिए हमें अपनों को खोने के दर्द का अहसास है। हम सीआरपीएफ के जवानों की मौत पर खुशी नहीं मना रहे हैं, हमें इस हमले का दुख है। गुलाम डार का कहना है कि उन्हें इस बात का तो पता था कि आदिल हथियार उठा चुका है लेकिन इतने बड़े कदम वो उठा सकता है, ये कभी नहीं सोचा।

एक साल पहले घर से चला गया था
आदिल के मां-बाप का कहना है कि वह सीआरपीएफ के काफिले पर होने वाले हमले के बारे में पहले से नहीं जानते थे। आदिल के पिता का कहना है कि पिछले वर्ष 19 मार्च को आदिल काम से घर नहीं लौटा था। इसके बाद परिजनों ने उसको करीब तीन माह तक तलाश किया था। काफी मुश्किलों के बाद वह मिला तो वह उसको वापस घर लाने में सफल हो सके थे। उनका बेटा उग्रवादियों के साथ शामिल हो गया है। यह जानकर घरवालों को झटका लगा। उन्होंने एक विडियो ऑनलाइन पोस्ट कर बेटे से घर वापस आने की गुजारिश भी की लेकिन उस पर असर नहीं हुआ।

सुरक्षाबलों ने आदिल को पीटा
आदिल के पिता गुलाम हसन डार का कहना है कि 2016 में आदिल को स्कूल से वापस लौटते समय सुरक्षाबलों ने पीटा था, इस बात से आदिल के मन में सुरक्षाबलों को लेकर काफी गुस्सा था। बता दें कि गुरुवार को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें 40 जवानों की जान चली गई। ये हमला तब हुआ जब सीआरपीएफ के 2500 जवानों का काफिला श्रीनगर जा रहा था। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। जैश का आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर जवानों की बस से टकरा गया।












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