पुलवामा अटैक की टाइमिंग पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, बोलीं- चुनाव से ठीक पहले क्यों हुआ हमला
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के समय को लेकर सवाल किया है। ममता ने कहा है कि लोकसभा चुनावों से ठीक पहले ही इस तरह का हमला क्यों हुआ। वहीं उन्होंने इस पूरे मामले में सरकार पर भी लापरवाही बरतनेे के आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने भाजपा की सरकार पर ये भी आरोप लगाया कि उनका फोन टेप किया गया है और वक्त आने पर वह इसके सबूत भी देंगी। 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया गया था, जिसमें 40 जवानों की जान चली गई।

इसे सांप्रदायिक रंग ना दें भाजपा-आरएसएस
ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि इस हमले के बाद देश में सांप्रदायिक टकराव के हालात पैदा किए जा रहे हैं। इस मौके पर बीजेपी-आरएसएस ने दंगे की कोशिश की तो देश कभी माफ नहीं करेगा। बीजेपी और आरएसएस के लोग बाहर से आकर यहां रात को झंडे लेकर निकल रहे हैं और माहौल खराब करना चाहते हैं। हिन्दू और मुस्लिमों के बीच खाई पैदा करने की कोशिश हो रही है। बंगाल एक शांतिप्रिय राज्य है और यहां सभी धर्मों के लोग सद्भभावना के साथ रह रहे हैं, यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है।
ममता बनर्जी ने सरकार से सवाल किया कि खुफिया रिपोर्ट होने के बाद भी सीआरपीएफ के इतने बड़े काफिले को एकसाथ क्यों भेजा गया, जवानों को एयरलिफ्ट क्यों नहीं किया गया? आखिर इसमें कितना पैसा खर्च हो जाता। उन्होंने सरकार से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने इस हमले को अंजाम दिया है।

एनएसए के रोल पर भी सवाल
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल पर भी सवाल उठाया है। ममता ने कहा कि यह हमला खुफिया विभाग की विफलता है। सुरक्षा एजेंसियां, रक्षा मंत्रालय और नेशनल सिक्योरिटी एडवाईजर क्या कर रहे थे? एनएसए क्या कर रहे थे? इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, ये देश को जानने का हक है। ममता ने कहा कि सरकार बताए उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ पिछले पांच साल में क्या कदम उठाए हैं अब जब चुनाव नजदीक हैं तो युद्ध की बातें कहीं जा रही हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि इसके पहले हुए मुंबई हमले और पठानकोट हमले पर केंद्र सरकार ने जो कुछ भी कार्रवाई की उसका समर्थन हम लोगों ने किया है। जो जरूरी हो वह कार्रवाई जरूर की जाए। देश की सेना का मनोबल किसी भी तरह से नहीं गिरना चाहिए।

आत्मघाती हमलावर ने किया हमला
बता दें कि गुरुवार (14 फरवरी) को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें 40 जवानों की जान चली गई। ये हमला तब हुआ जब सीआरपीएफ के 2500 जवानों का काफिला श्रीनगर जा रहा था। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। जैश का आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर जवानों की बस से टकरा गया।












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