पुलवामा हमला: जैश-ए-मोहम्मद से संबंधों के शक में 23 संदिग्धों को सुरक्षाबलों ने हिरासत में लिया
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से लिंक होने के शक में 23 कश्मीरियों को हिरासत में लिया है। इन 23 कश्मीरियों से पुलवामा हमले को लेकर पूछताछ की जा रही है। रायटर्स के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया है कि ये कश्मीरी या तो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से सीधे तौर पर जुड़े हैं या तो फिर वे उसका समर्थन करते हैं।

जैश से संबंध होने के शक में कश्मीर में 23 संदिग्ध हिरासत में लिए गए
हिरासत में लिए गए कश्मीरियों से NIA ने पुलवामा ब्लास्ट को लेकर पूछताछ की है। इनके जरिए जैश के टॉप कमांडर्स और कश्मीर में ऑपरेट कर रहे चीफ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियां आतंकी उमर के बारे में भी पता लगा रही हैं जो पिछले साल पाकिस्तान से कश्मीर आया था। शक है कि वह साउथ कश्मीर में कहीं छिपा है। बताया जा रहा है कि वह जैश सरगना मसूद अजहर का भतीजा है। बता दें कि पुलवामा हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।

पुलवामा हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ
गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में छुट्टी से लौट रहे सीआरपीएफ जवानों के काफिले को आतंकियों ने निशाना बनाया था। एक फिदायीन हमलावर आदिल ने सीआरपीएफ के वाहन को टक्कर मार दी थी जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे जबकि इस हमले में कई जवान घायल हुए थे। इस हमले के बाद देश भर से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठने लगी है।

पुलवामा में आज सेना को मिली बड़ी कामयाबी
वहीं, पुलवामा में आज सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले का बदला 100 घंटों के अंदर सेना ने ले लिया। पुलवामा के पिंगलान इलाके में एनकाउंटर के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दो टॉप आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया। इस हमले में आतंकी गाजी अब्दुल राशिद को सेना ने मार गिराया। हालांकि इस मुठभेड़ में सेना के एक मेजर सहित 4 जवान जवान शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि गाजी वही आतंकी था जिसने सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले में शामिल आदिल अहमद डार को ट्रेनिंग दी थी।












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