नागालैंड विधानसभा में पारित हुआ AFSPA को निरस्त करने का प्रस्ताव, केंद्र के सामने रखीं 5 बड़ी मांगें
कोहिमा, 21 दिसंबर। नागालैंड में 4 दिसंबर को हुई घटना के बाद से पूरे पूर्वोत्तर में विवादित अफस्पा (सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम) कानून को हटाए जाने की मांग तेज हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को नागालैंड विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें भारत सरकार से नागालैंड सहित पूर्वोत्तर के राज्यों से अफस्पा को निरस्त करने की मांग की गई। बता दें कि इसी माह की शुरुआत में सुरक्षाबलों द्वारा गलती से 6 नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से वहां अफस्पा के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया है।

सोमवार को नागालैंड के विधानसभा के बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान सदन में पांच बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव पारित किया गया। सदन में केंद्र सरकार से नागा शांति वार्ता के तहत समाधान प्रक्रिया भी जल्द पूरा करने की मांग की गई है। इसके अलावा 4 दिसंबर को भारतीय सेना के ऑपरेशन में हुई चूक के लिए नागालैंड विधानसभा में माफी की मांग की गई। इस घटना को लेकर प्रदेश में कई जगह तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए नगालैंड विधानसभा मोन जिले के नागरिकों, सिविल सोसायटी और अन्य संगठनों से संयम बरतने की भी अपील की गई है।
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वहीं प्रदेश सरकार ने पीड़ितों को नागरिक कानून के तहत पूरा न्याय दिलाने का भरोसा जताया है। नागालैंड के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने कहा कि गहन विचार और लंबी चर्चा के बाद विधानसभा में ये प्रस्ताव पारित किया गया है। बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र के बीच नागालैंड में हुई इस घटना को लेकर केंद्र सरकार सवालों के घेरे में है, वहीं मणिपुर और नागालैंड के मुख्यमंत्री पहले ही राज्य से आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट यानी अफस्पा (एएफएसपीए) हटाने की मांग कर चुके हैं।












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