लोकसभा चुनाव 2019: तिरूप्पुर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: तमिलनाडु की तिरूप्पुर लोकसभा सीट से सांसद AIADMK की नेता वी सत्यबामा हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर DMDK प्रत्याशी एन दिनेश कुमार को 179, 315 वोटों से हराया था। वी सत्यबामा को यहां पर 442,778 वोट मिले थे तो वहीं एन दिनेश कुमार को 263,463 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। साल 2014 में इस सीट पर नंबर दो पर DMDK, नंबर 3 पर DMK, नंबर 4 पर कांग्रेस और नंबर 5 पर CPI रही थी। यहां कुल मतदाताओं की संख्या 13,75,589 थी, जिसमें से मात्र 10,50,190 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग यहां पर किया, जिसमें पुरुषों की संख्या 5,43,998 और महिलाओं की संख्या 5,06,192 थी।

तिरूप्पुर संसदीय क्षेत्र का इतिहास
तिरूप्पुर संसदीय क्षेत्र 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया था। 2009 के आम चुनाव में भी इस सीट पर एआईएडीएमके का परचम लहराया और पार्टी के सी. शिवासामी सांसद बने थे और साल 2014 में भी यहां AIADMK ने ही जीत हासिल की थी, सांसद वी सत्यभामा कभी तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की गुड लिस्ट में शामिल थीं और इसी वजह से जयललिता के निधन के बाद जब पार्टी की कमान शशिकला के हाथ में आई तो उन्होंने उनके मुकाबले जयललिता के बेहद वफादार कहे जाने वाले पन्नीरसेल्वम का खुलकर समर्थन किया था।
तिरूप्पुर, परिचय-प्रमुख बातें-
बिनाव शहर, कपास शहर जैसे विभिन्न नामों से विख्यात तिरूप्पुर को चर्चित रूप से भारत का 'वस्त्र शहर' कहा जाता है, यह एक ऐतिहासिक केंद्र भी है। इस शहर का तिरूप्पुर नाम महाकाव्य युग के दौरान पड़ा था, तिरूप्पुर के चारों ओर की भूमि उपजाऊ थी और इस प्रकार इस क्षेत्र में कृषि का भरपूर विकास हुआ। यही कारण है कि आज भी तिरूप्पुर कपास, सब्जियों आदि के व्यापार का एक केन्द्र है। कोयम्बटूर से 47 किमी की दूरी पर स्थित है, तिरुपुर में बहुत सी जानी-मानी कंपनियों की फैक्ट्रियां हैं। यह प्राचीन मंदिरों के लिए भी जाना जाता है जो अब तक शहर की सीमाओं के अंदर मौजूद हैं। तिरूप्पुर की कुल आबादी 19,29,965 है, जिसमें से 37 प्रतिशत लोग गांवों में निवास करते हैं और 62 प्रतिशत लोग शहरों मे रहते हैं, यहां 12 प्रतिशत लोग एससी वर्ग के हैं।
सत्यभामा का लोकसभा में प्रदर्शन
दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में सांसद सत्यभामा की उपस्थिति 87 प्रतिशत रही है और इस दौरान इन्होंने 120 डिबेट में हिस्सा लिया और 427 प्रश्न पूछे हैं, इनके सवाल ज्यादातर स्वास्थ्य, यूथ, स्पोर्ट्स, महिलाओं से संबंधित रहे हैं। सत्यभामा ने विकास के नाम पर तिरूप्पुर में काफी खर्चा किया है, इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि सांसद निधि के 25 करोड़ रूपए में से अब उनके पास मात्र 3.11 करोड़ रूपए बचे हैं।
इस सीट पर शुरू से ही AIADMK का कब्जा रहा है और उसे हराना यहां पर आसान नहीं है लेकिन इस वक्त राज्य में सियासी समीकरण बदले हुए हैं ऐसे में जहां AIADMK की पूरी कोशिश इस सीट को अपने पास बचा कर रखने की होगी वहीं दूसरी ओर DMK का भी लक्ष्य इस सीट को जीतने का होगा, फिलहाल शह और मात के इस खेल में बाजी उसी के हाथ लगेगी जिसे जनता का साथ मिलेगा और वो किसका साथ देती है, इसका पता तो चुनावी नतीजों से चलेगा।












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