लोकसभा चुनाव 2019: बालुरघाट लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बालुरघाट लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद णमूल कांग्रेस की अर्पिता घोष हैं। साल 2014 के चुनाव में पहली बार ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को यहां से जीत मिली। आजादी के बाद से इस सीट से कांग्रेस पार्टी जीतती रही है। लेकिन 2014 में पहली बार ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की अर्पिता घोष ने ये रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्हें चुनाव में 409,641 वोट मिले। वहीं दूसरे नंबर पर रहे आर एस पी के बिमलेंदु सरकार, जिन्हें 302,677 वोट मिले और तृणमूल कांग्रेस यहां से 106,964 वोटों से जीत गई।

52 साल की अर्पिता घोष से जनता को काफी उम्मीदें थी। उम्मीद थी कि सांसद दिल्ली में जाकर उनके मुद्दे उठाएंगी। क्या अर्पिता ऐसा कर पाई, दिसंबर 2018 तक उन्होंने संसद में 20 डिबेट में भाग लिया। वहीं, जनता के लिए उन्होंने महज 25 सवाल ही पूछे। संसद में उनकी उपस्थिति 61 फीसदी रही। दिसंबर 2018 तक उन्होंने कोई भी प्राइवेट मेंबर बिल संसद के पटल पर नहीं रखा है। आजादी के बाद से यहां नेता जीतेते रहे हैं। जनता जिसे चाहती है उसे वोट देती है। लेकिन 2009 में यहां से जनता ने वोट दिया कांग्रेस की मौसम नूर को। 2014 में भी वह कांग्रेस की सीट से चुनाव जीती। लेकिन अब कांग्रेस पार्टी को लगा एक बड़ा झटका। क्योंकि 27 जनवरी 2019 को को मौसम नूर ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और थाम लिया है ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का दामन।
कांग्रेस के लिए ये एक बड़ा झटका इसलिए भी है क्योंकि एक सेटिंग एमपी के जाने का मतलब है हार। आने वाले समय में कांग्रेस की राह यहां से आसान नहीं होने वाली। वहीं,भारतीय जनता पार्टी भी यहां पर नजर लगाए बैठी है और सीपीआई तो पहले से ही चाहती है कि जीत उनकी हो। देखना होगा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जनता किसे यहां से अपना नेता मानती है और यहां से लोकसभा किसे भेजती है।












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