लोकसभा चुनाव 2019: करनाल लोकसभा सीट के बारे में जानिए
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नई दिल्ली: हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के अश्विनी कुमार चोपड़ा हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अरविंद कुमार शर्मा को हराकर वो पहली बार सांसद बने। इस चुनाव में अश्विनी कुमार को 594,817 वोट मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी अरविंद कुमार शर्मा के खाते में 234,670 वोट गये। करनाल की स्थापना महाभारत काल में दानवीर कर्ण ने की थी। करनाल कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहां की कुल जनसंख्या 2,726,074 है। इनमें 62.39% लोग ग्रामीण इलाकों से आते हैं, जबकि 20.12 फीसदी लोग शहरों में रहते हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत मोदी सरकार ने करनाल शहर पहले 100 शहरों में शामिल किया। इसमें करनाल को स्वच्छ शहरों की सूची में 65वां स्थान प्राप्त हुआ।

लोकसभा चुनाव के इतिहास की ओर पलट कर देखें तो कांग्रेस पार्टी के चिरंजीवी लाल शर्मा यहां सबसे लंबे समय तक सांसद रहे हैं। उनका कार्यकाल 1980 में शुरू हुआ और 1996 में भाजपा के ईश्वर दयाल स्वामी की जीत के साथ खत्म हुआ। हालांकि 1998 में कांग्रेस के भजन लाल ने ईश्वर दयाल से यह सीट वापस छीन ली। लेकिन 1999 में भजन लाल को अगले ही चुनाव में मुंह की खानी पड़ी और ईश्वर दयाल फिर सांसद बन गये। साल 2004 और 2009 में कांग्रेस के अरविंद कुमार शर्मा ने लगातार दो बार जीत दर्ज की और फिर 2014 में भाजपा आयी।
अश्विनी कुमार का लोकसभा में प्रदर्शन
62 वर्षीय अश्विनी कुमार पेशे से पत्रकार रहे हैं। मई 2014 से दिसम्बर 2018 तक अश्विनी कुमार ने लोकसभा में कुल 379 सवाल पूछे। जबकि हरियाणा राज्य का औसत 250 और देश का औसत 273 रहा। उन्होंने पांच सालों में कोई प्राइवेट बिल तो पेश नहीं किया लेकिन 7 परिचर्चाओं में हिस्सा जरूर लिया। अश्विनी कुमार की संसद में उपस्थिति 56 प्रतिशत रही, जबकि राज्य का औसत 85 प्रतिशत है।
पिछले चुनाव में करनाल लोकसभा सीट में 1,684,321 लोगों का नाम मतदाता सूची में था, जिनमें 913,321 पुरुष और 771,000 महिलाओं के नाम थे। इनमें से कुल 1,193,500 लोगों ने वोट किया। यानी कुल 71 फीसदी वोट पड़े। वोट शेयर की बात करें तो कांग्रेस का वोट शेयर मात्र 19.6 प्रतिशत था जबकि भाजपा का वोटशेयर लगभग पचास प्रतिशत था। वहीं आईएनएलडी का वोट शेयर 15.7 प्रतिशत था। कुल मिलाकर वोट उसी ओर खिसकेगा, जो जनता का विश्वास जीतेगी। इसमें कोई दो राय नहीं कि जनता वोट देने से पहल तीनों पार्टियों के रिपोर्ट कार्ड का अच्छी तरह से अध्ययन करेगी।












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