लोकसभा चुनाव 2019: हातकणंगले लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की हातकणंगले लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद स्वाभिमान पक्ष पार्टी के राजू शेट्टी हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के कल्लापा बाबुराव अवाड़े को 177, 810 वोटों से हराया था, राजू शेट्टी को 640,428 मत मिले थे तो वहीं अवाड़े को 462, 618 वोटों पर संतोष करना पड़ा था, वहीं तीसरे नंबर पर 25, 648 मतों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी सुरेश दादा पाटिल रहे थे।

हातकणंगले लोकसभा सीट का इतिहास
हातकणंगले लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा की 6 सीटें आती हैं। हातकणंगले सीट परिसीमन के बाद साल 2008 में अस्तित्व में आई थी, जिसके बाद यहां साल 2009 में आम चुनाव हुए थे जिसे कि स्वाभिमान पक्ष पार्टी के नेता राजू शेट्टी ने जीता था, साल 2014 के चुनाव में भी राजू शेट्टी और उनकी पार्टी का जलवा यहां बरकरार रहा। आपको बता दें कि हातकणंगले लोकसभा सीट इससे पहले इचलकरंजी लोकसभा क्षेत्र में थी जहां पर 1977 से लेकर साल 1998 के चुनाव में कांग्रेस का ही राज था और साल 1999 के चुनाव में यहां एनसीपी की जीत हुई थी और उसका राज साल 2004 में भी था लेकिन हातकणंगले लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र बन जाने के बाद यहां पर स्वाभिमान पक्ष पार्टी का राज हो गया। स्वाभिमान पक्ष पार्टी जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी की एनडीए का हिस्सा था लेकिन बाद में ये एनडीए से अलग हो गया।
राजू शेट्टी का लोकसभा में प्रदर्शन
पश्चिम महाराष्ट्र में प्रभाव रखने वाली पार्टी स्वाभिमानी शेतकारी संगठन प्रमुख राजू शेट्टी को किसानों का नेता कहा जाता है, उन्होंने किसानों की मांगें ना पूरी होने से नाराज होकर एनडीए का साथ छोड़ा था। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान राजू शेट्टी की सदन में उपस्थिति 79 प्रतिशत रही और इस दौरान इन्होंने 52 डिबेट में हिस्सा लिया और 422 प्रश्व पूछे हैं। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस , नंबर तीन पर IND थे, उस साल यहां कुल मतदाताओं की संख्या 16,30,598 थी, जिसमें से मात्र 11,88,871 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 6,31,647 और महिलाओं की संख्या 5,57,224 थी।
हातकणंगले, परिचय-प्रमुख बातें-
हातकणंगले कोल्हापुर जिले का सब-डिवीजन है, यहां पर बहुत छोटी-छोटी कपड़ों के कारखाने हैं लेकिन यहां विकास की गति बहुत ज्यादा धीमी है और इसलिए यहां के लोग जीविका के लिए कोल्हापुर या सांगली का रूख करते हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी परेशानियों से जूझ रहे यह क्षेत्र गन्ना, मूंगफली उत्पादन के लिए जाना जाता है, मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे इस शहर की आबादी 22,30,944 है, जिसमें से 73 प्रतिशत लोग गांवों में और 26 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं, यहां 13 प्रतिशत लोग SC वर्ग के और 0.99 प्रतिशत लोग ST वर्ग के हैं।
साल 2014 का चुनाव विकास के आधार पर भाजपा ने लड़ा था लेकिन उसके सहयोगी पार्टी का, उससे विकास के मुद्दे पर काम ना करने की ही वजह से अलग हो जाना, भाजपा और उसके सहयोगी दलों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। फिलहाल तो हातकणंगले में स्वाभिमानी शेतकारी संगठन का राज है और जहां उसकी कोशिश इस बार भी इस सीट पर जीत की हैट्रिक पूरी करनी होगी तो वहीं पिछले चुनाव में हार का सामना करने वाली कांग्रेस इस सीट को जीतने का पूरा प्रयास करेगी लेकिन इन सबके बीच बीजेपी अपने नुकसान की भरपाई कैसे यहां कर पाएगी, यह ही सवाल सबके जेहन में घूम रहा है, जिसका जवाब हमें चुनावी नतीजे देंगे।
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