लोकसभा चुनाव 2019: बुलढाना लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की बुलढाना लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद शिवसेना के जाधव प्रतापराप गणपतराव सांसद हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस नेता इंग्ले गणपतराव को 15,95,79 वोटों से हराया था। उस साल जाधव प्रतापराव गणपतराव को 50,91, 45 वोट मिले तो वहीं इंग्ले गणपतराव को 34,95,66 वोटों पर संतोष करना पड़ा था और बहुजन समाज पार्टी के अब्दुल अफीज 3,37,83 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। उस साल यहां कुल वोटरों की संख्या 15 लाख 96 हजार 234 थी, जिसमें से मात्र 9 लाख 78 हजार 626 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 5 लाख 35 हजार 993 और महिलाओं की संख्या 4 लाख 42 हजार 633 थी।

बुलढाना लोकसभा सीट का इतिहास
शूरवीरों की धरती बुलढाना में पहला आम चुनाव साल 1951 में हुआ था, जिसे कि कांग्रेस ने जीता था। जिसके बाद 1957 से लेकर 1971 तक यहां पर कांग्रेस का ही राज रहा लेकिन 1977 का चुनाव यहां से रीपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने जीता था, लेकिन 1980 में ये सीट एक बार फिर से कांग्रेस के पास आ गई और उसका राज 1984 तक रहा। 1989 के चुनाव में यहां पहली बार भाजपा ने जीत दर्ज की और सुखदेव नाना जी यहां से एमपी चुने गए हालांकि साल 1991 का चुनाव एक बार फिर से यहां कांग्रेस ने जीता लेकिन 1996 के चुनाव में यहां शिवसेना ने बंपर जीत दर्ज की। साल 1998 के चुनाव में यहां फिर से कांग्रेस की वापसी हुई लेकिन इसके एक साल बाद ही हुए 1999 के चुनाव में यहां फिर से शिवसेना ने कब्जा किया और तब से ही ये सीट शिवसेना के पास है और साल 2009 से इस सीट पर जाधव प्रतापराव गणपतराव का कब्जा है।
बुलढाना, परिचय-प्रमुख बातें-
बुलढाना को शिवसेना का गढ़ कहा जाता है, महाराष्ट्र के प्राचिन शहरों में से एक बुलढाणा अमरावती डिवीजन में आता है, इस शहर का जिक्र महाभारत में भी मिलता है, अपने आप में बहुत सारी ऐतिहासिक बातों को संजोए इस शहर की कुल आबादी 22 लाख 33 हजार 35 है, जिसमें से 80 प्रतिशत लोग गांवों में और 19 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं। बुलढाणा में 71 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म में और 13 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म में यकीन रखते हैं।
जाधव प्रतापराव गणपतराव का लोकसभा में प्रदर्शन
साल 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक शिवसेना के दिग्गजों में शामिल सांसद जाधव प्रतापराव गणपतराव की पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में उपस्थिति 72 प्रतिशत रही और इस दौरान उन्होंने 51 डिबेट में हिस्सा लिया है और 471 प्रश्न पूछे हैं। बताते चलें कि साल 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा और शिवसेना ने साथ लड़ा था। शिवसेना बुलढाना सीट लगातार चार बार जीत चुकी है, इसी कारण इस सीट को शिवसेना का गढ़ कहा जाता है और यहां उसे हराना आसान नहीं है, हालांकि विरोधी दलों की पूरी कोशिश शिवसेना के दुर्ग को गिराने की है लेकिन क्या वो इसमें सफल हो पाएंगे, इसका जवाब तो हमें चुनावी नतीजे ही बताएंगे, फिलहाल ये कहा जा सकता है कि बुलढाना लोकसभा सीट पर मुकाबला हर बार की तरह इस बार भी रोचक ही होगा, जिसमें जीतेगा वो ही जिसे जनता का साथ मिलेगा।












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