भाई राहुल को पास कराने के लिए बहन प्रियंका की मेहनत
अमेठी। सात मई को जब लोकसभा चुनावों के आंठवें दौर का आगाज होगा तब उत्तर प्रदेश के अमेठी में कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी के लिए भी वहां की जनता वोट करेगी।
अपने भाई राहुल को इन लोकसभा चुनावों में जिताने के लिए बहन प्रियंका की दिन-रात की मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बार का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लिए भविष्य और इसके नेतृत्व के लिए एक बड़ा सवाल बन सकता है।
ऐसे में प्रियंका गांधी की पूरी कोशिश है कि चाहे रिजल्ट कुछ भी हों उनका भाई हरहाल में इस 'अग्निपरीक्षा' को पास करे। प्रियंका के पास कोई भी राजनीतिक पद नहीं है। इसके बाद भी रायबरेली में अपनी मां और अमेठी में अपने भाई के लिए प्रियंका दौड़ी चली आईं।
भाई को इस युद्ध में विजय दिलाने के लिए बहन प्रियंका की दिन-रात की कोशिशें क्या गुल खिलाएंगी यह तो 16 मई को ही पता लगेगा लेकिन बहन की कोशिशों में कोई भी कमी नहीं है। न दिन की चिंता और न रात की परवाह और न ही गर्मी की कोई फिक्र।
फिक्र है तो बस इस बात की कि भाई लोकसभा चुनावों का यह रण अच्छे अंतर से जीत जाए। राहुल के लिए प्रियंका की कोशिशों को खुद नरेंद्र मोदी ने भी सलाम कर चुके हैं।
अमेठी में चाहे राहुल का नामांकन रहा हो या फिर रविवार को राहुल गांधी का रोड शो, प्रियंका पूरे जोशो-खरोश से अपने भाई के साथ मौजूद रहीं। वह अमेठी के मतदाताओं को उन्हीं के अंदाज में राहुल को वोट करने के लिए अपील करती नजर आतीं तो कभी वह कांग्रेस और राहुल गांधी की अमेठी क्षेत्र में उपलब्धियों को गिनातीं हैं।
आगे की तस्वीरों में देखिए कि कैसे प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने भाई राहुल के लिए किसी भी मुश्किल की परवाह न करते हुए भी जमकर प्रचार किया है।

मंच पर प्रियंका की मौजूदगी
रविवार को अमेठी में राहुल गांधी का रोड शो था। राहुल ने देर शाम अमेठी की जनता को संबोधित किया। इस दौरान मंच पर भाई का हौसला बढ़ाने के लिए बहन खुद मंच पर मौजूद रही।

अमेठी के माहौल में ढलीं प्रियंका
अपनी मां सोनिया और भाई का नामांकन दाखिल होने के बाद से प्रियंका प्रचार में लगातार सक्रिय हैं। वह रायबरेली और अमेठी के बीच लगातार मां और भाई के लिए चुनाव प्रचार कर रही थी। अब जब मां के लिए वोट डाले जा चुके हैं तो प्रियंका की पूरी कोशिश है कि अमेठी की जनता राहुल के लिए इस बार भी वर्ष 2009 की तरह वोट करे। प्रियंका ने इसके लिए खुद को अमेठी के माहौल में ढाला।

रविवार को भी संभाला मंच का जिम्मा
प्रियंका पिछले करीब 20 दिन से लगातार अमेठी की जनता के बीच मौजूद हैं। रविवार को जब राहुल का रोड शो था तो उस दौरान भी प्रियंका मंच पर मौजूद रही थीं। राहुल के बाद बहन प्रियंका ने जनता को संबोधित किया।

राहुल की जगह प्रियंका ने बनाई अपनी जगह
जहां राहुल गांधी पूरे देश में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में व्यस्त थे तो वहीं बहन प्रियंका ने अमेठी की जिम्मेदारी संभाली थी। इस बार न सिर्फ अमेठी बल्कि खुद राहुल के लिए भी यह चुनाव काफी खास हैं और ऐसे में प्रियंका ने राहुल की जगह खुद को चुनाव प्रचार के केंद्र में रखा।

भाई को प्यार देने के लिए जनता का शुक्रिया
अमेठी पिछले कई दशकों से गांधी परिवार का एक अहम गढ़ रहा है और ऐसे में यहां की जनता भी शायद गांधी परिवार के लिए काफी खास है। भला प्रियंका इस जनता की अहमियत को कैसे नजरअंदाज कर सकती हैं।

बनाया प्रियंका को राजनीति का मास्टर
इस बार जब प्रियंका अमेठी में अपने भाई राहुल के लिए प्रचार करने के लिए आईं तो उनका अंदाज भी बदला-बदला नजर आया। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बार अमेठी ने प्रियंका गांधी को एक परिपक्व राजनेता के तौर पर तब्दील कर दिया है। प्रियंका राहुल के मुकाबले कहीं बेहतरी से विरोधियों का जवाब देना सीख गई हैं।

इसलिए प्रियंका ने संभाली कमान
दबी जबान से लोग इस बात को स्वीकार रहे हैं कि इस बार अमेठी में राहुल गांधी के लिए जीत का रास्ता थोड़ा मुश्किल होता नजर आ रहा है। प्रियंका को भी शुरुआत में राहुल के विरोध में उठने वाली आवाज का सामना करना पड़ा था। इसलिए ही राहुल को प्रचार से हटाकर प्रियंका ने खुद इसकी जिम्मेदारी संभाली।

राहुल से बेहतर प्रियंका
जिन लोगों ने राजनीति को करीब से देखा है वह मानते हैं कि प्रियंका गांधी राहुल की तुलना में कहीं बेहतर हैं। वह जानती हैं कि किस बात का जवाब किस तरह से देना है और इस वजह से हो सकता है कि राहुल को इन चुनावों में थोड़ा फायदा मिल सके।

प्रियंका को भाई के जीतने की आशा
जिस अंदाज में पिछले कुछ दिनों में प्रियंका ने यहां पर धुआंधार चुनाव प्रचार को अंजाम दिया है उससे उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद है कि उनका भाई इस बार फिर से लोकसभा चुनावों में विजेता बनेगा। प्रियंका ने अपने हर प्रचार में यहां की जनता से राहुल को वोट देने की अपील की है।












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