बंगाल में मुस्लिम धर्मगुरु के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने जानें क्या दिया जवाब?
गुवाहाटी। देश के पांच राज्यों के चुनावों की तारीखों की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दल जीत हासिल करने के लिए पूरा दम लगा रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रचार करने में जुट चुकी हैं। प्रियंका गांधी ने आईयूडीएफ और आईएसएफ जैसे संगठनों के साथ कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के साथ समझौता करने संबंधी आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बंगाल में कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर तंज कसा था जिस पर प्रियंका गांधी ने जवाब दिया। एनडीटीवी को दिए गए विशेष साक्षात्कार में प्रियंका गांधी ने गठबंधन का बचाव किया लेकिन असंतुष्टों खेमे पर कोई भी टिप्पणी करने से परहेज किया।
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बंगाल में मुस्लिम धर्मगुरु के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कही ये बात
प्रियंका गांधी से पार्टी द्वारा असम में बदरुद्दीन अजमल के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) और बंगाल में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) जैसे संगठनों के साथ कांग्रेस का गठबंधन करने का आरोप लगाया गया था।इसके संबंध में सवाल पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आप यदि कल किए गए कुछ कमेंट्स के बारे में चर्चा करते हैं हमारे पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख इस पर पहले ही जवाब दे चुके हैं। प्रियंका गांधी ने लेकिन असम में जो लड़ाई चल रही हैं वो असम राज्य को बचाने के लिए ही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने असम में एक मजबूत, एकजुट अभियान खड़ा किया है। "हर कार्यकर्ता समझता है कि यह कांग्रेस बनाम भाजपा चुनाव नहीं है। यह असम पहचान बनाम आरएसएस-भाजपा विचारधारा चुनाव है,। उन्होंने कहा बेशक विचारधाराओं का अंतर है जिस पर हमारे गठबंधन सहयोगी विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा हम उसने 100 प्रतिशत सहमत नहीं हो सकते लेकिन हम इस लड़ाई के लिए साथ हैं क्योंकि सभी को मालूम है कि ये जंग असमिया जनता को बचाने के लिए हैं।

प्रियंका बोलीं -कृपया पहचानें कि आप किसके लिए मतदान कर रहे हैं
बता दें प्रियंका गांधी ने असम में चुनावी रैली में वहां की जनता से वादा किया है कि कांग्रेस अगर असम में सत्ता में आती है तो मोदी सरकार द्वारा लागू किया गया संशोधित नागरिकता कानून को रद्द करने के लिए नया कानून लाएंगी। प्रियंका गांधी ने कहा "पूरे देश में मतदाताओं के लिए मेरा संदेश है - कृपया पहचानें कि आप किसके लिए मतदान कर रहे हैं। क्या वे वादे निभा रहे हैं? क्या वे आपके लिए काम कर रहे हैं?"कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा ने पिछले पांच वर्षों में असम से अपने सारे वादे तोड़ दिए।
कांग्रेसी आनंद शर्मा ने उठाया था ये सवाल
मालूम हो कि कांग्रेस पार्टी के असंतुष्ट नेताओं में से एक आनंद शर्मा ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए पार्टी के बंगाल प्रमुख अधीर रंजन चौधरी से कुछ मौकों पर सांप्रदायिक होने के आरोप में मौलवी अब्बास सिद्दीकी के आईएसएफ के साथ संबंध पर सवाल उठाया था। हिंदी में ट्वीट किया था 'सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस चयनात्मक (सिलेक्टिव) नहीं हो सकती। हमें हर सांप्रदायिकता के हर रूप से लड़ना है। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की उपस्थिति और समर्थन शर्मनाक है, उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। ' एक अन्य हिंदी में ट्वीट में उन्होंने लिखा था, ' ISF और ऐसे अन्य दलों से साथ कांग्रेस का गठबंधन पार्टी की मूल विचारधारा, गांधीवाद और नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है, जो कांग्रेस पार्टी की आत्मा है. इन मुद्दों को कांग्रेस कार्य समिति पर चर्चा होनी चाहिए थी।'
अधीर रंजन ने दिया था ये जवाब
आनंद शर्मा के इस ट्वीट पर बंगाल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और चुनाव की बांगडोर संभाल रहे अधीर रंजन ने जवाब दिया था कि "वे कांग्रेस के चुनिंदा असंतुष्टों के ग्रुप से आग्रह करेंगे कि अपने कम्फर्ट स्पॉट से बाहर निकलें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करना बंद करें। ' अधीर रंजन कहा कि कांग्रेस बंगाल में माकपा उस लेफ्ट फ्रंट की सहयोगी है जो बीजेपी को हराने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ है।" अधीर रंजन के इसी बयान का जिक्र प्रियंका गांधी ने अपने इस इंटरव्यू में किया है।












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