ओमिक्रॉन खतरे पर बोले पीएम मोदी- पैनिक मत कीजिए, सावधान और सतर्क रहें
नई दिल्ली, 25 दिसंबर। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और खतरनाक वेरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच आज (शनिवार) देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित किया। ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे पर बोलते हुए पीएम मोदी ने देश से अपील की है कि पैनिक करने की आवश्यकता नहीं हैं, हमें सतर्क रहने की जरूरत है। गौरतलब है कि भारत में कोरोना के दैनिक नए मामलों का आंकड़ा 7000 के पार पहुंच गया है। केंद्रीय स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आंकड़ों के मुताबिक पिछली 24 घंटों के भीतर देश में कोरोना वायरस के 7,189 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 387 मरीजों की मौत हो गई।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में बड़ा ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए अब अगले साल यानी 3 जनवरी 2022, से 15 से 18 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अलावा 10 जनवरी से स्वास्थ्यकर्मियों और 60 साल से अधिक उम्र के गंभीर बीमारी से पीड़ित बुजुर्गों को डॉक्टरों की सलाह पर कोरोना वायरस वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज लगाई जाएगी। पीएम मोदी ने आगे कहा, कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ाई का अब तक का अनुभव यही बताता है कि व्यक्तिगत स्तर पर सभी दिशानिर्देशों का पालन और दूसरा वैक्सीनेशन कोरोना से मुकाबले का बहुत बड़ा हथियार है।
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उन्होंने आगे कहा, 'भारत ने इस साल 16 जनवरी से अपने नागरिकों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था। ये देश के सभी नागरिकों का सामूहिक प्रयास और सामूहिक इच्छाशक्ति है कि आज भारत 141 करोड़ वैक्सीन डोज के अभूतपूर्व और बहुत मुश्किल लक्ष्य को पार कर चुका है। आज भारत की वयस्क जनसंख्या में से 61 प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। इसी तरह, वयस्क जनसंख्या में से लगभग 90 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की एक डोज लगाई जा चुकी है।'
इसके अलावा पीएम मोदी ने तीन बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा, '15 साल से 18 साल की आयु के बीच के जो बच्चे हैं, अब उनके लिए देश में वैक्सीनेशन प्रारंभ होगा। वहीं, एहतियात की दृष्टि से सरकार ने निर्णय लिया है कि हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज भी प्रारंभ की जाएगी। हम सबका अनुभव है कि जो कॉरोना वॉरियर्स हैं, हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं, इस लड़ाई में देश को सुरक्षित रखने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। उनके अलावा 60 वर्ष से ऊपर की आयु के कॉ-मॉरबिडिटी वाले नागरिकों को, उनके डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज का विकल्प उनके लिए भी उपलब्ध होगा।'












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