जब रात 10 बजे पीएम मोदी ने किया था एक आईएएस अधिकारी को फोन
नई दिल्ली। इस महीने की शुरुआत में यह खबर मिली कि त्रिपुरा में ईंधन (फ्यूल) और अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई दुरुस्त हो गई है, क्योंकि देश से त्रिपुरा को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 208 की मरम्मत कर दी गई है। अब ये पता चल चुका है कि ये सब क्यों और कैसे हुआ।

क्योरा (Quora) पर डाली गई एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जिसमें पुष्पक चक्रबर्ती नाम के एक शख्स ने एक एपिसोड शेयर किया था। इसमें बताया गया था कि कैसे त्रिपुरा में पोस्टेड एक आईएएस अधिकारी को 21 जुलाई को रात 10 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोन आया था। उन्होंने नेशनल हाईवे 208 की मरम्मत के लिए आईएएस अधिकारी की मदद मांगी थी।
पीएम मोदी ने आईएएस अधिकारी से मांगी माफी
उस पोस्ट के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय से किसी ने उसे फोन किया और पूछा कि क्या वह कुछ मिनट प्रधानमंत्री से बात कर सकते हैं? इतना सुनते ही आईएएस अधिकारी सन्न रह गया और धीरे से हां कह दिया। इसके बाद फोन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ट्रांसफर कर दिया गया।
अपनी बात शुरू करते ही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतनी रात में आपको फोन करने के लिए माफी चाहता हूं, लेकिन कुछ जरूरी काम होने की वजह से आपको फोन किया है।
पीएम मोदी ने अधिकारी से नेशनल हाईवे 208 की मरम्मत करने में उनकी मदद मांगी और कहा कि सरकार ने असम और त्रिपुरा सरकार से भी बात कर ली है और वे आपको हर संभव मदद देंगे।
रात भर नहीं आई नींद
चक्रबर्ती लिखते हैं- अगले दिन, जब वह ऑफिस पहुंचे तो उन्होंने त्रिपुरा सरकार, असम सरकार और भारत सरकार से बात की। तुरंत ही वह अपने स्टाफ के साथ क्षतिग्रस्त नेशनल हाईवे 208 का मुआयना करने पहुंच गए। वहां पर उन्होंने देखा कि असम सरकार की तरफ से भेजी गई 6 जेसीबी मशीन पहले ही मौजूद हैं।
अगले 4 दिनों के अंदर 300 से भी ट्रक भरकर सड़क बनाने का सामान वहां पहुंच गया। आईएएस अधिकारी ने असम और त्रिपुरा के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और स्थानीय मजदूरों के साथ मिलकर उस हाईवे की मरम्मत की और गाड़ियों के आने-जाने का रास्ता बना दिया।
चक्रबर्ती के अनुसार, जिस रात पीएम मोदी का फोन आया था, वे पूरी रात सो नहीं सके। उनके कानों में पीएम मोदी की आवाज गूंजती रही। वे समझ नहीं पा रहे थे कि ये क्या हो रहा है।












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