चार राज्यों की हार से तिलमिलाई कांग्रेस को याद आयी जनता
जिसको सुनने के बाद यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अंदरूनी कलह बंद कर सरकार के अच्छे कार्यो का संदेश लेकर जनता के बीच जाने के लिए कहा। कांग्रेस की विधानसभा चुनावों में हार से स्तब्ध कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने पार्टी नेताओं को आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने के लिए कहा।
सोचने वाली बात यह है कि हार से पहले जिन कांग्रेसियों के त्यौरिया चढ़ी हुईं थीं और जो आम जनता को को ढंग से जीने, कम खाने के बेतूके बयान दे रहे थे, जो यह कहते थे कि गरीबी एक सोच है और बीमारी है उन्हें दिल्ली की शिकस्त और आम आदमी की पार्टी के बाद यह समझ में आया है कि आम जनता भी देश का अहम हिस्सा है और आम जनता के बिना उनकी क्या किसी की नैया पार नहीं हो सकती है।
यही नहीं सोनिया गांधी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों के परिणामों की समीक्षा के लिए सभी राज्यों के प्रभारी महासचिवों से अलग-अलग बात की।
सोनिया ने कहा कि खाद्य महंगाई कांग्रेस के खिलाफ जनता की नाराजगी का मुख्य कारण साबित हुई। उन्होंने भ्रष्टाचार से निबटने की चुनौतियों का भी हवाला दिया, जिसके कारण मतदाताओं ने कांग्रेस से दूरी बना ली। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माने जाने वाले इन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस केवल मिजोरम में सत्ता बरकरार रखने में कामयाबी हासिल की है।
देखते हैं कि सोनिया की इस बैठक के बाद अगले चार महीनों में कांग्रेस कौन सा अजूबा करने वाली हैं क्योंकि अगले चार महीने में ही लोकसभा चुनावों की घोषणा हो जाती है ऐसे में लोकतंत्र के इस मंदिर में प्रजातंत्र को कैसे खुश रख पाती है?













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