'शिक्षा में निवेश मतलब देश की प्रगति में निवेश', मद्रास विश्वविद्यालय के 165वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति
मद्रास विश्वविद्यालय के 165वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं। यहां उन्होंने स्टूडेंट्स को सम्मानित किया।
मद्रास विश्वविद्यालय के 165वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची। यहां उन्हें राजभवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मद्रास विश्वविद्यालय लैंगिक समानता का एक चमकदार उदाहरण है। लड़कियों की शिक्षा में निवेश करके, हम अपने देश की प्रगति में निवेश कर रहे हैं।
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि तमिलनाडु सभ्यता और संस्कृति का उद्गम स्थ रहा है। संघ साहित्य की समृद्ध परंपरा भारत की बहुमूल्य विरासत है। तिरुक्कुरल में संरक्षित महान ज्ञान सदियों से हम सभी का मार्गदर्शन कर रहा है। कार्यक्रम में राज्यपाल रवि, मुख्यमंत्री स्टालिन, उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी भी शामिल रहे। चेन्नई विश्वविद्यालय के 762 छात्रों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथ से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग 1.85 लाख छात्र विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ रहे हैं, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक लड़कियां हैं। राजभवन में महान कवि महाकवि सुब्रमण्यम भरतियार के चित्र का अनावरण किया गया। साथ ही दरबार हॉल का नाम बदलकर भरथियार हॉल किया गया।
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105 विद्यार्थियों में से 70 फीसदी लड़कियों के हाथ स्वर्ण पदक
खास बात यह है कि दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले 105 विद्यार्थियों में से 70 फीसदी लड़कियां हैं। यह जानकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी बेहद खुश हुईं। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिलाएं अर्थव्यवस्था में अपना योगदान देकर समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। लड़कियों की शिक्षा में निवेश करके, हम अपने देश की प्रगति में निवेश कर रहे हैं।












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