1947 के विभाजन पर रिसर्च सेंटर खुलेगा, JNU की VC ने बताया किसके नाम पर होगा ? जानिए

नई दिल्ली, 21 अगस्त: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय 1947 कि विभाजन पर गहराई से शोध करने की तैयारी में है। इसके लिए एक केंद्र स्थापित करने की योजना है, जहां इससे संबंधित ऐतिहासिक कमियों की अंदर तक पड़ताल की जा सके। रविवार को जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने ये कहा है। इस संबंध में जेएनयू एक प्रस्ताव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और शिक्षा मंत्रालय को भी भेजगा। देश का विभाजन किन परिस्थितियों में हुआ और उस दौरान जमीन पर क्या हालात थे, लोगों को किन संकटों का सामना करना पड़ा? माना जा रहा है कि इसपर शोध करने से काफी कुछ और जानकारियां बाहर आ सकती हैं।

Jawaharlal Nehru University is preparing to do in-depth research on the partition of 1947. For this a center will be opened, which can be in the name of Sardar Patel or Syama Prasad Mukherjee

जेएनयू में 1947 के विभाजन पर रिसर्च सेंटर खुलेगा
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर का कहना है कि जो सेंटर बनाने की बात चल रही है, उसका मुख्य फोकस विभाजन के आसपास अनुसंधानों पर केंद्रित रहेगा, ताकि आम लोगों से जुड़ी वह कहानियां उजागर हो सकेंगी, जो इससे प्रभावित हुए थे। साथ ही इससे विभाजन की 'भयानकता' पर भी प्रकाश डाला जा सकेगा। जेएनयू इस संबंध में नया कोर्स भी शुरू करने जा रहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई से वाइस चांसलर शांतिश्री ने कहा है कि यह केंद्र शरणार्थियों पर अध्ययन करने और उन हालातों को समझने में सहायता करेगा, जिसमें लोगों को इच्छा नहीं रहते हुए पलायन करना पड़ा।

'विभाजन पर अध्ययन के लिए जेएनयू का विशेष केंद्र होना चाहिए'
जेएनयू इस सेंटर को स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के तहत स्थापित करना चाहता है, क्योंकि इसके माध्यम से पूरे दक्षिण एशिया पर विभाजन के असर के प्रभाव का अध्ययन किया जा सकेगा। शांतिश्री ने कहा, 'उच्च शिक्षण संस्थानों को इतिहास के गैप को भरना चाहिए। प्रदर्शनियां लगाना अच्छा है, लेकिन वे अस्थायी होते हैं। इसलिए हमने योगदान के तौर पर सुझाव दिया है कि विभाजन पर अध्ययन के लिए जेएनयू का विशेष केंद्र होना चाहिए। ' वो बोलीं, 'हम सामान्य लोगों की जानकारी को बाहर लाना चाहते हैं। हमें उन लोगों की चिट्ठियों का अध्ययन करने की आवश्यकता है, जिन्होंने विभाजन का अनुभव किया था।' विभाजन पर किए जाने वाले इस शोध से उन हालातों की ज्यादा जानकारी मिल सकेगी, जिसमें लोगों को जबरन पलायन को मजबूर किया गया।

इन महापुरुषों के नाम पर खुल सकता है सेंटर
जेएनयू की योजना है कि इस केंद्र का नाम देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल या जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाए। वीसी ने कहा कि 'विभाजन पर दोनों ने ही बिल्कुल अलग स्टैंड लिया था। यह एक हिंसक विभाजन था। लोगों ने इसकी त्रासदी झेली है।'

डीयू में भी है तैयारी
हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और उसके बाद विभाजन पर अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए एक रिसर्च सेंटर बनाने की घोषणा की है। इस सेंटर को लेकर सुझाव देने के लिए डीयू डायरेक्टर (साउथ कैंपस) प्रकाश सिंह की अगुवाई में सात-सदस्यीय एक कमेटी गठित की गई है। प्रकाश सिंह का कहना है कि स्वतंत्रता संघर्ष और गुमनाम नायकों के योगदानों से संबंधित स्टडी मटेरियल की भारी कमी है। उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय के कोर्स में उस समय के बारे में गहराई से नहीं पढ़ाया जाता।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+