Premanand Maharaj: 'मैं गला काट देता', किसने दी संत प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी?
Premanand Maharaj: मशहूर संत प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी मिली है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सतना के एक युवक ने फेसबुक पर संत महाराज को धमकी देते हुए 'गला काटने' की बात कही है। जिसके बाद प्रेमानंद महाराज के फॉलोअर्स एकदम से भड़क गए हैं और पुलिस से इस मामले में एक्शन लेने की बात कह रहे हैं।
क्यों दी संत प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी?
दरअसल संत प्रेमानंद महाराज ने हाल ही में अपने एक वीडियो में देश के युवाओं पर बात करते हुए उन्हें अनुचित बर्ताव से बचने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि 'आज के युवक बहुत जल्दी मोहपाश में आ जाते हैं, जोश में होश भी कभी-कभी गंवा देते हैं।'

उन्होंने ये भी कहा था कि 'आजकल बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड, ब्रेकअप और पैचअप का चलन बढ़ गया है, जिसने युवाओं को भ्रमित और गुमराह किया हुआ है। युवाओं को इन सारी बातों से बचना चाहिए। ये वीडियो काफी वायरल हुआ था,इसी से नाराज होकर युवक ने संत महाराज को जान से मारने की धमकी दी है।'
किसने दी Premanand Maharaj को धमकी?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक धमकी देने वाले व्यक्ति का नाम शत्रुघ्न सिंह है और वो सतना निवासी है। उसने फेसबुक पर लिखा है कि 'अगर मेरे घर की बात होती तो मैं गला काट देता।' यह बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। बाबा के अनुयायियों और संतों में इस बात को लेकर आक्रोश पेदा हो गया है, उन्होंने जल्द से जल्द धमकी देने वाले शत्रुघ्न सिंह को अरेस्ट करने की बात कही है।
औपचारिक शिकायत नहीं मिली
हालांकि इस बारे में सतना के पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि 'अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, अगर कोई कंपलेन मिलती है तो निश्चित तौर पर एक्शन लिया जाएगा।'
संत Premanand Maharaj कौन हैं?
- संत प्रेमानंद महाराज राधा वल्लभ संप्रदाय से संबंधित हैं, उनका पूरा नाम प्रेमानंद गोविंद शरण है।
- प्रेमानंद का जन्म 1969 में कानपुर के पास सरसौल ब्लॉक के अखरी गांव में रमा देवी और शंभू पांडे के घर हुआ था।
- 13 साल की उम्र में उन्होंने अपने दादा के नक्शेकदम पर चलते हुए संन्यासी बनने के लिए अपना पैतृक घर छोड़ दिया।
- उनका श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट है, जो कि वृंदावन 2016 में स्थापित हुआ था।
- ट्रस्ट का उद्देश्य समाज और उसके लोगों की भलाई और उत्थान के लिए कार्य करना है।
- यह वृंदावन धाम आने वाले तीर्थयात्रियों को आवास, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करता है।












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