Raksha Bandhan 2025: राखी पर भूलकर भी ना करें ये काम वरना भाई पर आएगा बड़ा संकट
Raksha Bandhan 2025 Do-Dont: रक्षा बंधन 2025 का त्योहार आज मनाया जा रहा है, जिसका इंतजार हर भाई-बहन बड़ी शिद्दत से करता है, इस दिन हर बहन बड़े प्यार से अपने भाई के माथे पर तिलक करती है और कलाई पर राखी बांधती हो तो वहीं भाई अपनी बहन को वचन देता है कि वो उसके सुख-दुख में उसका साथ देगा।
यह पर्व भावनात्मक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है, आइए जानते हैं 2025 में रक्षा बंधन के दिन क्या करें और क्या न करें।

रक्षा बंधन पर क्या करें (Raksha Bandhan 2025)
- शुभ मुहूर्त में राखी बांधें।
- पूजा की थाली में राखी, अक्षत (चावल), रोली, दीपक, मिठाई और नारियल रखें।
- भाई को तिलक लगाने के बाद दाहिने हाथ में राखी बांधें और मिठाई खिलाएं।
- राखी बांधते समय भाई के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना करें।
Raksha Bandhan 2025 पर क्या न करें
- भद्रा काल में राखी न बांधें
- भद्रा काल को अशुभ माना जाता है। इस समय राखी बांधने से भाई को संकट का सामना करना पड़ सकता है।
- त्योहार के दिन काले या गहरे रंग के कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है। हल्के और शुभ रंग जैसे पीला, सफेद, गुलाबी पहनना बेहतर होता है।
- इस दिन भाई-बहन के बीच किसी भी प्रकार का झगड़ा या कड़वाहट न रखें।
- पूजा से पहले राखी न बांधें।
- राखी बांधने की प्रक्रिया सुबह, स्नान आदि के बाद और भोजन से पहले की जाए।
Raksha Bandhan 2025 पर करें आरती
रक्षा बंधन पर गणेश जी की आरती जरूर करें इससे भाई-बहन पर कोई संकट नहीं आता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
गणेश जी की आरती ( Ganesh ji ki Aarti)
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
- लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- 'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
- दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
- कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
Disclaimer: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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