प्रेमिका अगर किसी दूसरे से शादी करें तो प्रेमी को क्या करना चाहिए? प्रेमानंद महाराज ने बताया प्यार का व्याकरण
Premanand ji Maharaj on True Love: प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अगर प्रेमिका अपने प्रेमी को छोड़कर किसी और से शादी करें तो प्रेमी को जमकर डांस करना चाहिए और प्रेमिका को आशीर्वाद देना चाहिए। भगवान को धन्यवाद देना चाहिए कि ऐसे गलत इंसान से समय रहते पीछा छुड़ा दिया।
दरअसल, इस वक्त मोहब्बत का महीना चल रहा है। वैलेटाइन वीक मनाया जा रहा है। 14 फरवरी 2025 को प्रेमी जोड़े एक-दूसरे से प्यार का इजहार करेंगे। शादी करके ताउम्र साथ बिताने का वादा करेंगे। अब सोचो! अगर प्रेमिका अपने प्रेमी को बीच मझधार में छोड़कर किसी और का हाथ थाम ले। उसके साथ विवाह रचा ले तो प्रेमी को क्या करना चाहिए? इस सवाल का जवाब वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज ने दिया।
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प्रेमिका करे दूसरे से शादी तो प्रेमिका जमकर डांस करना चाहिए-प्रेमानंद महाराज
Premanand Maharaj on Valentine Day: प्रेमानंद जी महाराज का एक वीडियो वैलेटाइन 2025 पर सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक प्रेमानंद जी महाराज के पास पहुंचकर बताता है कि 'वह जिस लड़की से मोहब्बत करता था आज वह किसी और के साथ शादी कर रही है। ऐसे में अब उसे क्या करना चाहिए?
उस प्रेमी युवक के सवाल का जवाब देते हुए प्रेमानंद महाराज ने कहा कि 'आज आपको नाचना चाहिए अगर उससे प्रेम है तो....कि मैंने उससे प्यार किया है और वह मुझे पसंद नहीं करती। उसे उसकी पसंद का कोई दूसरा लड़का मिल गया। भगवान वो जीवनभर सुखी रहे।'
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तुमसे अच्छा देखा और वो उसकी तरफ झुक गई। यह प्रेम नहीं-प्रेमानंद महाराज
प्रेमिका के किसी और से शादी के सवाल पर प्रेमानंद महाराज का जवाब सुनकर प्रेमी बोला कि 'महाराज जी क्या पता वो भी प्रेम करती हो?' प्रेमानंद महाराज बोले कि 'यह प्रेम नहीं हो सकता। तुमसे अच्छा देखा और वो उसकी तरफ झुक गई। यह प्रेम नहीं है। उसका मन उधर जा रहा हो तो जाने देना चाहिए।'
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प्रेमिका की बेवफाई को लेकर प्रेमी का दिल प्रेमानंद महाराज के दूसरे जवाब से भी संतुष्ट नहीं हुआ और बोला कि उसकी जबरदस्ती शादी हो रही है। प्रेमानंद महाराज प्रेमी से बोले कि 'बेटा जबरदस्ती कहीं नहीं हो सकता। प्रीति किसी के दबाव में नहीं रहती। प्रीति दबाव मानती ही नहीं और जो दबाव माने वो प्रीति ही नहीं।'
आखिर में प्रेमानंद महाराज ने प्रेमी से सवाल किया कि क्या आपको अब भी वो ही चाहिए? प्रेमी ने साफ कहा कि अब वो नहीं चाहिए उसे। तब महाराज जी बोले कि झूठे प्यार के लिए क्या रोना? तुम्हारे आंसुओं को वो जानती है फिर भी कैसे रह सकती है जबकि तुम्हारे आंसू हम से ही नहीं देखे जा रहे।
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प्रेमानंद महाराज जी ने प्रेमी युवक को समझाया कि जब तुमने देख लिया कि उसका प्यार झूठा है तो उसे आशीर्वाद देना चाहिए और उससे बचकर निकलना चाहिए कि तुम्हारा जीवन मंगलमय हो। तुम जहां जा रहे हो। वहां जीवन सुखमयी हो।
Premanand ji Maharaj ke Darshan: प्रेमानंद महाराज के दर्शन कैसे होंगे?
वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज ने अपने स्वास्थ्य और बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए, रात्रि 2 बजे से होने वाली पदयात्रा को 6 फरवरी 2025 से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। आश्रम के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'भजन मार्ग' के माध्यम से यह सूचना साझा की गई है। प्रेमानंद महाराज लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं।
Premananda Ji Maharaj Biography: प्रेमानंद जी महाराज का जीवन परिचय
प्रेमानंद जी महाराज, जिनका असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है, एक प्रसिद्ध भारतीय संत और आध्यात्मिक गुरु हैं। उनका जन्म 1972 में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसौल ब्लॉक के अखरी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम शंभू पांडे और माता का नाम रामा देवी है।
प्रेमानंद जी महाराज कितनी उम्र में छोड़ा घर?
प्रेमानंद जी महाराज ने मात्र 13 वर्ष की आयु में घर छोड़कर संन्यास का मार्ग अपना लिया था। उन्होंने वाराणसी में गंगा नदी के तट पर तपस्या की, जहां वे प्रतिदिन तीन बार गंगा स्नान करते थे और भगवान शिव तथा माता गंगा की आराधना में लीन रहते थे। इस दौरान, वे दिन में केवल एक बार भिक्षा से प्राप्त भोजन ग्रहण करते थे, और यदि भिक्षा नहीं मिलती, तो गंगाजल पीकर ही रहते थे।
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Premananda Ji Maharaj Where Live: प्रेमानंद जी महाराज कहां रहते हैं?
वर्तमान में, प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन में स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम के प्रमुख हैं, जहां वे भजन-कीर्तन और कथा के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं। उनकी शिक्षाओं में भक्ति मार्ग, ब्रह्मचर्य, और गुरु की महत्ता पर विशेष जोर दिया जाता है। उन्होंने 'ब्रह्मचर्य', 'एकांतिक वार्तालाप', 'हित सद्गुरु देव के वचनामृत', 'अष्टयाम सेवा पद्धति', और 'स्पिरिचुअल अवेकनिंग (वॉल्यूम 1)' जैसी पुस्तकें भी लिखी हैं।
श्री हित राधा केली कुंज ट्रस्ट वृंदावन
प्रेमानंद जी महाराज का मानना है कि आध्यात्मिकता जीवन का सार है और गुरु का जीवन में विशेष महत्व होता है। वे ब्रह्मचर्य के पालन और चरित्र की शुद्धता पर बल देते हैं, जो एक स्वस्थ, संतुलित और आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक हैं। उनके द्वारा स्थापित 'श्री हित राधा केली कुंज ट्रस्ट वृंदावन' एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो समाज और लोगों के उत्थान के लिए कार्य करता है। यह ट्रस्ट वृंदावन धाम के तीर्थयात्रियों को आवास, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा देखभाल और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करता है।












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