प्रशांत किशोर ने EC को दिया सुझाव, 80 फीसदी लोगों को वैक्सीनेट करने के बाद ही सुरक्षित चुनाव संभव
नई दिल्ली, जनवरी 07। कोरोना महामारी की तीसरी लहर के बीच पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान बहुत जल्द किया जा सकता है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अगले हफ्ते के शुरुआत में चुनाव आयोग तारीखों का ऐलान कर सकता है। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर के बीच सुरक्षित चुनाव कराना इलेक्शन कमीशन के लिए बहुत बड़ी चुनौती साबित होनी वाली है। इस स्थिति के बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कुछ उपाय चुनाव आयोग को सुझाए हैं, जिनके जरिए आयोग सुरक्षित चुनाव करा सकता है।

क्या कहा है चुनाव आयोग ने?
प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है, वहां पर कम से कम 80 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाने पर जोर देना चाहिए, तभी सुरक्षित चुनाव संभव है, नहीं तो ये जोखिमभरा हो सकता है। प्रशांत किशोर ने ट्वीट में कहा है, "चुनाव आयोग को उन राज्यों में 80 फीसदी लोगों को वैक्सीनेट करने पर जोर देना चाहिए, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। भयंकर महामारी के बीच #चुनाव कराने का यही एकमात्र सुरक्षित तरीका है। बाकी सब बकबास है.. #कोविड उपयुक्त व्यवहार के लिए दिशा-निर्देश हास्यास्पद हैं जिसका कोई पालन नहीं करता है।"
हाईकोर्ट ने चुनाव को टालने की कही थी बात
प्रशांत किशोर का ये ट्वीट ऐसे समय आया है, जब देश में विधानसभा चुनाव के आयोजन को लेकर एक बहस चल रही है। पिछले महीने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के दौरान पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को टालने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने इसपर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा था, लेकिन दोनों की तरफ से चुनाव को स्थगित करने का कोई संकेत नहीं मिला। इस बीच चुनाव आयोग की टीम चुनावी राज्यों का दौरा कर रही है, जिससे माना जा रहा है कि आयोग समय पर ही चुनाव चाहता है। पिछले साल दिसंबर में, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुशील चंद्रा के नेतृत्व में निकाय के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश का दौरा किया, जहां चुनाव होने वाले पांच राज्यों में से एक है, और प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ परामर्श किया था।












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