नागरिकता कानून के बाद एनआरसी को लेकर भड़के प्रशांत किशोर, बोले- ये कोई बात नहीं हुई
नई दिल्ली। नागरिकता कानून के खिलाफ लगातार बोल रहे जदयू नेता प्रशांत किशोर ने अब एनआरसी को लेकर सवाल खड़ा किया है। एक ट्वीट में उन्होंने कहा है कि सरकार की ओर एनआरसी को लेकर ये कहना कि अभी घोषणा नहीं हुई है, कोई ऐसा तर्क नहीं है। जो तसल्ली दे सके।

किशोर ने गुरुवार सुबह ट्वीट किया, ये तर्क कि किसी राष्ट्रव्यापी एनआरसी की घोषणा अभी तक नहीं की गई है, यह तर्क तसल्ली नहीं दे सकता, क्योंकि यह बिल्कुल वैसा नहीं है, कि कह दिया जाए एनआरसी नहीं होगा"
प्रशांत नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर मुखर हैं। इसको लेकर वो अपनी पार्टी जदयू पर भी सवाल उठा चुके हैं। हाल ही में नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के जामिया मिलिया में पुलिस कार्रवाई पर उन्होंने कहा था कि दिल्ली में हुई हिंसा में कथित तौर पर शामिल लोगों पर दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर रही है और ये होना भी चाहिए। परन्तु जो हिंसा पुलिस ने यूनिवसिर्टी के कैम्पस के अन्दर छात्रों पर की, उन पर कार्रवाई कौन करेगा?
गुरुवार को देशभर में लोग गुरुवार को इस कानून के खिलाफ जुलूस निकाल रहे हैं। विवादित नागरिकता कानून के विरोध में आज देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली के लाल किला पर विरोध बुलाया है। हालांकि पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी है। मुंबई, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और दूसरी जगहों पर लोग विवादित कानून के खिलाफ सड़कों पर हैं।
बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट, 2019 को हाल ही में सदन से मंजूरी मिली है। इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है। कांग्रेस समेत ज्यादातर विपक्षी दल और कई सामाजिक संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं। देशभर की बड़ी यूनिवर्सिटियों के छात्र भी इसके खिलाफ सड़कों पर हैं। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि धर्म के आधार पर कानून बनाना भारत के संविधान पर हमला है।












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