अब ‘आप’ के साथ रहना मुश्किल होगा प्रशांत भूषण-योगेन्द्र यादव का
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) खोजी पत्रकार से आम आदमी पार्टी (आप) में खास जगह बनाने वाले आशीष खेतान ने आज ट्वीट करके जिस तरह से शांति भूषण, उनके पुत्र प्रशांत भूषण और पुत्री शालिनी पर आप पर शिकंजा कसने का आरोप लगाते हुए हल्ला बोला है, उससे साफ है कि आप की बुधवार (कल) को होने वाली बैठक में प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है राजनीतिक मामलों की कमेटी से।

अगर इन्हें ना भी निकाला गया तो इन्हें घेरा तो जाएगा ही बैठक में। जानकारों का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष भी पार्टी के भीतर चल रही उठापटक से खिन्न हैं।
लगेंगे आरोप
जानकारों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में होने वाली आप की इस अहम बैठक में केजरीवाल के पुराने साथी और अब दिल्ली सरकार में मंत्री मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और दूसरे कुछ और नेता प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव पर पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता फैलाने के आरोप लगाएंगे।
केजरीवाल आप के सबसे बड़े नेता
प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव बार-बार कह रहे हैं कि आप को वन मैन पार्टी बनने से बचाया जाए। वे यह भी कह रहे हैं कि केजरीवाल पार्टी के निर्विवाद रूप से सबसे बड़े नेता हैं। पर पार्टी को सामूहिक फैसले लेने पर जोर देना चाहिए।
जानकार कह रहे हैं कि इसके चलते ही आप में घमासान मचा हुआ है। प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं। प्रशांत भूषण की इस मांग को भी नहीं माना गया कि कल की बैठक को स्थगित करा जाए क्योंकि वे बुधवार को राजधानी में नहीं हैं।
बोलीं शाजिया
इस बीच, शाजिया इल्मी ने भी आप में आंतरिक लोकतंत्र की कमी के मसले को उठा दिया है। दिल्ली चुनाव में भाजपा की हार के बाद अज्ञातवास में चली गई शाजिया ने अपनी पुरानी पार्टी में मौजूद गड़बड़ियों का मीड़िया के सामने खुलासा किया।












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