प्रज्ज्वल रेवन्ना के अश्लील वीडियो आखिर लीक कैसे हो गए? कांग्रेस या BJP किस पार्टी के नेता ने किया वायरल?
कर्नाटक में पूर्व पीएम एचडी देवेगोड़ा के पोते प्रज्ज्वल रेवन्ना के कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से कर्नाटक की राजनीति में भूचाल मच गया है। मामला सामने आने के बाद जेडीएस ने प्रज्ज्वल को सस्पेंड कर दिया है।
इस मामले में प्रज्वल रेवन्ना और उनके पिता एचडी रेवन्ना के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। ये एफआईआर उनके घर में काम करने वाली एक मेड की शिकायत पर दर्ज की गई है। मेड ने पिता और बेटे पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

इस बीच प्रज्ज्वल के करीब 200 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो गए हैं। वायरल वीडियो में दिख रहीं महिलाएं खुद को छोड़ने की गुहार लगाती हुई रो रही हैं और आरोपी वीडियो शूट करता दिखाई दे रहा है। प्रज्ज्वल के पिता एचडी रेवन्ना ने इन वीडियो को 4-5 साल पुराना बताया है।
अब सवाल खड़ा होता है कि प्रज्ज्वल के ये वीडियो आखिर लीक कैसे हुए? रेवन्ना फैमिली के पूर्व ड्राइवर ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है। कार्तिक नाम के ड्राइवर ने कहा कि उसने ये वीडियो भाजपा नेता देवराजे गौड़ा को सौंपा था।
कार्तिक ने वीडियो जारी किया
कार्तिक ने कहा, 'मैंने ये वीडियो उस भाजपा नेता को दिए, जिसने महिलाओं को न्याय देने का वादा किया था।' कार्तिक ने दावा किया कि रेवन्ना परिवार के लोगों ने उसे काफी परेशान किया और उसकी जमीन का कुछ हिस्सा जबरन अपने नाम करवा लिया था। इस तरह तंग आकर उसने देवराजे गौड़ा से संपर्क किया।
कार्तिक ने एक वीडियो जारी किया है और उसमें दावा किया है कि बीजेपी के लोगों ने ये वीडियो लीक किए हैं। कार्तिक ने कहा कि उसने ये पेन ड्राइव देवराजे के अलावा और किसी को नहीं दिया था। कार्तिक ने साफ कहा कि उसने कांग्रेस नेताओं को ये वीडियो नहीं भेजा था। कार्तिक ने कहा कि उसे इसे कांग्रेस नेताओं को देना होता तो वह न्याय के लिए उनके पास ही क्यों गया होता।
कार्तिक के खिलाफ दायर किया मुकदमा
कार्तिक ने मार्च 2023 में रेवन्ना के यहां ड्राइवर ने नौकरी छोड़ी दी थी। पिछले साल जब प्रज्ज्वल से कार्तिक की अनबन हो गई तो उसने वीडियो पर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया था। इसके बाद 1 जून 2023 को प्रज्ज्वल ने बेंगलुरु सिविल कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया था।
ये मुकदमा 86 मीडिया आउटलेट और तीन व्यक्तियों के खिलाफ था। इसमें कार्तिक का भी नाम था। इसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रही फेक न्यूज और छेड़छाड़ किए गए वीडियोज को प्रसारित करने से रोकने की मांग की थी। इसके अगले ही दिन सिविल कोर्ट ने ये कहते हुए इनके प्रसारित होने पर रोक लगा दी थी कि इससे आगे बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
देवराजे ने दिल्ली तक लिखी चिट्ठी
आपको बता दें कि कर्नाटक बीजेपी के नेता देवराजे गौड़ा ने पिछले साल दिसंबर में पार्टी के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और गृह मंत्री अमित शाह को लिखी थी। इसमें उन्होंने प्रज्ज्वल और देवेगौड़ा परिवार पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का दावा किया था।
देवराजे ने अपनी चिट्ठी में दावा किया था कि उनके पास एक पेन ड्राइव है, जिसमें कुल 2,976 वीडियोज हैं। इन वीडियोज को कथित तौर पर प्रज्ज्वल रेवन्ना ने शूट किया था। देवराजे ने दावा किया था कि इन वीडियोज में कुछ महिला अफसर भी दिख रहीं हैं। इन वीडियो का इस्तेमाल सेक्सुअल एक्टिविटी में शामिल रहने के लिए महिलाओं को ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा है।
बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
बीजेपी नेता देवराजे ने अपनी चिट्ठी में दावा किया था कि उन्हें ये पेन ड्राइवर प्रज्ज्वल के पूर्व ड्राइवर ने दी थी। देवराजे ने बताया था कि ड्राइवर ने उन्हें बताया कि उसने ये वीडियोज कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और उनके भाई डीके सुरेश को भी भेजे हैं।
देवराजे ने चेतावनी दी थी कि अगर लोकसभा चुनाव के लिए प्रज्ज्वल को एनडीए का उम्मीदवार बनाया जाता है तो संभावना है कि कांग्रेस इसे एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी।
देवराजे को कैसे मिले वीडियो?
2 जून 2023 को जब सिविल कोर्ट ने वीडियो के प्रसारण पर रोक लगा दिया था तब देवराजे ने कार्तिक से वो वीडियो मांगा था। देवराजे ने कार्तिक से ये वादा किया था कि वे ये तस्वीरें और वीडियो को किसी को नहीं दिखाएंगे। देवराजे ने ये भी कहा था कि वे ये सबूत जज के सामने पेश करेंगे और ताकि कोर्ट का स्टे ऑर्डर हट जाए। कार्तिक ने बताया कि उन्होंने देवराजे पर भरोसा कर उन्हें क्लिप की एक कॉपी दे दी थी।












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