छत्तीसगढ़ में भिलाई इस्पात संयंत्र आधुनिकीकरण और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट को मिली नई रफ्तार, प्रगति प्लेटफॉर्म बना गेमचेंजर
प्रगति प्लेटफ़ॉर्म छत्तीसगढ़ में प्रमुख बुनियादी ढाँचे, ऊर्जा और औद्योगिक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करता है। भिलाई स्टील प्लांट और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के उन्नयन से उत्पादन, रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास में वृद्धि होती है, जो मजबूत संघीय सहयोग के माध्यम से भारत के विकसित भारत 2047 लक्ष्यों का समर्थन करता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की विकास गति नई ऊंचाइयों पर पहुंची है। दशकों से लंबित अधोसंरचना और ऊर्जा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूरी हो रही हैं। यह केंद्र सरकार की परिणामोन्मुख, जवाबदेह और निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रगति प्लेटफॉर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से न केवल रेल उत्पादन को नई गति मिली है, बल्कि इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिली है और औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि एनटीपीसी की लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। इस परियोजना से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और औद्योगिक व कृषि गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने परियोजनाओं की निगरानी, निरंतर समीक्षा और बाधाओं के त्वरित समाधान के लिए एक सशक्त प्रणाली विकसित की है। स्पष्ट लक्ष्य, तेज क्रियान्वयन और ठोस परिणाम ही नए भारत की कार्यसंस्कृति हैं, जो ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करती है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति की 50वीं बैठक ने राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी नई गति दी है। प्रगति एक आईसीटी आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसने परियोजनाओं की निगरानी और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है। पिछले एक दशक में इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं को गति मिली है, जिनमें अवसंरचना, ऊर्जा, रेल, सड़क, कोयला और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इनमें छत्तीसगढ़ की कई अहम परियोजनाएं भी शामिल हैं।
बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। वर्ष 2007 में स्वीकृत इस परियोजना को प्रगति बैठकों में नियमित समीक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय के चलते नई गति मिली, जिससे कार्य तेज हुआ और लक्षित प्रगति सुनिश्चित हुई।
भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, सहायक उद्योगों के विस्तार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। इससे छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त हुआ है।
इसी तरह रायगढ़ में वर्ष 2009 में स्वीकृत लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना को भी प्रगति प्लेटफॉर्म के तहत उच्च स्तरीय समीक्षा, आवश्यक दिशा-निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग से तेज गति मिली है। आज यह परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हो चुकी है और इससे छत्तीसगढ़ की पहचान ‘पावर हब ऑफ इंडिया’ के रूप में और मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने सहयोगी संघवाद को नई शक्ति दी है। केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों में गति और विश्वास दोनों बढ़े हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रगति के माध्यम से नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होने से छत्तीसगढ़ विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी निर्णायक भूमिका मजबूती के साथ निभाता रहेगा।












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