इंडियन नेवी द्वारा विकसित PPE का बड़े पैमाने पर होगा उत्पादन, रक्षा मंत्रालय ने कराया पेटेंट
नई दिल्ली। कोरोना संकट में भारतीय नौसेना द्वारा विकसित मेडिकल पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) के तेजी से और बड़े पैमाने पर उत्पादन करने का काम शुरू कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम के सहयोग से नौसेना द्वारा विकसित पीपीई का उत्पादन करने की तैयारी कर रहा है। रक्षा मंत्रालय द्वारा बुधवार को एक प्रेस रिलीज जारी कर इस बात की पुष्टि की गई है।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पीपीई उत्पादन के लिए लाइसेंस प्राप्त उत्पादन लेने के लिए इच्छुक फर्म और स्टार्ट अप कंपनियों से संपर्क किया जा सकता है। वर्तमान में नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के सहयोग से रक्षा मंत्रालय के बौद्धिक संपदा सुविधा सेल (आईपीएफसी) द्वारा सफलतापूर्वक पेटेंट दायर किया गया है। बता दें कि हाल ही में गठित इनोवेशन सेल ऑफ इंडियन नेवी में तैनात एक डॉक्टर ने मुंबई के इंस्टीट्यूट ऑफ नेवल मेडिसिन में कोरोना संकट से निपटने के लिए बहुत कम लागत में पीपीई विकसित किया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में पीपीएल का एक पायलट बैच पहले ही उत्पादित किया जा चुका है, इंडियन नेवी द्वारा विकसित की गई पीपीई एक विशेष फैब्रिक से बनाया गया है जो बाजार में उपलब्ध दूसरे पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट से कई मामलों में उन्नत है। नौसेना द्वारा बनाई गई पीपीई, सांस लेने की प्रक्रिया के साथ-साथ उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करता है।
इसके अलावा भारतीय मौसम के अनुसार गर्म और आद्र मौसम में भी उपयोग के लिए यह अधिक उपयुक्त है। पीपीई का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा अनुमोदित परीक्षण लैब में परीक्षण और सत्यापन भी किया जा चुका है। भारत में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए नौसेना, आईपीएफसी और एनआरडीसी की टीमों द्वारा पीपीई के बड़े पैमाने पर उत्पादन शूरू करने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
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