ये हैं वे तीनों आतंकी जिन्‍होंने की 23 वर्ष के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्‍या

जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस ने लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्‍या करने वाले हिजबुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकवादियों के पोस्‍टर शोपियां में चिपकाए। तीन आतंकियों पर घोषित किया इनाम

श्रीनगर। जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के उन तीन आतंवादियों के पोस्‍टर शोपियां में लगाए हैं जिन्‍होंने इंडियन आर्मी के 23 वर्ष के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्‍या की थी। न केवल शोपियां बल्कि साउथ कश्‍मीर के हर हिस्‍से में इन पोस्‍टर्स को देखा जा सकता है। आपको बता दें कि सेना का मानना है लश्‍कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के छह आतंकियों ने लेफ्टिनेंट फैयाज की हत्‍या की है।

सामने आए आतंकियों के नाम

सामने आए आतंकियों के नाम

इन तीन आतंकियों के नाम हैं इश्‍फाक अहमद ठोकर, ग्‍यास-उल-इस्‍लाम और अब्‍बास अहमद भट। ये तीन उस ग्रुप का हिस्‍सा थे जिन्‍होंने दो राजपूताना राइफल्‍स के आफिसर लेफ्टिनेंट उमर फैयाज का पहले अपहरण किया और फिर उनकी हत्‍या की दी। लेफ्टिनेंट फैयाज को दो बार गोली मारी गई थी।

 भट मुख्‍य साजिशकर्ता

भट मुख्‍य साजिशकर्ता

अधिकारियों का कहना है कि अहमद भट इस पूरी हत्‍या का साजिशकर्ता है और उसे एक मर्डर केस में पांच वर्ष की सजा भी हो चुकी है। वह अपने कॉलेज के फर्स्‍ट ईयर में था जब उसे गिरफ्तार किया गया और फिर सितंबर 2016 में उसे जमानत पर रिहा किया गया था। भट, लेफ्टिनेंट फैयाज के कुलगाम स्थित घर से कुछ ही दूर पर मौजूद गांच मैत्रीबाग का रहने वाला है।

 बाकी के दो आतंकी कौन

बाकी के दो आतंकी कौन

बाकी के दो संदिग्‍ध ग्‍यास-उल-इस्‍लाम और अहमद ठोकर संगठन में नई भर्ती हैं। माना जा रहा है ठोकर ने सितंबर 2015 में हिजबुल को ज्‍वॉइन किया था। वहीं ग्‍यास-उल-इस्‍लाम जिसका कोड नेम फहाद था, उसने 13 माह बाद संगठन ज्‍वॉइन किया था।

 बहन के साथ थे लेफ्टिनेंट फैयाज

बहन के साथ थे लेफ्टिनेंट फैयाज

वह साउथ कश्‍मीर के कुलगाम के ही रहने वाले थे और छुट्टियों पर अपनी बहन की शादी पर घर आए थे। प्रत्‍यक्षदर्शियों की मानें तो लेफ्टिनेंट फैयाज जब अपनी बहन के साथ बैठे थे तो हथियारों से लैस कुछ व्‍यक्ति घर में दाखिल हुए और उन्‍हें अपने साथ ले गए।

घर के बाहर भी मौजूद थे आतंकी

घर के बाहर भी मौजूद थे आतंकी

कुछ आतंकी घर के बाहर उनका इंतजार कर रहे थे। लेफ्टिनेंट फैयाज की हत्‍या में लश्‍कर-ए-तैयबा के आतंकी भी शामिल हैं। सेना का कहना है कि अब यह एक ऐसा मौका है जो घाटी में आतंकियों के लिए माहौल को बदल कर रख देगा।

काफी करीब से मारी गई थी गोली

काफी करीब से मारी गई थी गोली

जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस को इस बात का शक है लेफ्टिनेंट फैयाज की हत्‍या में उन्‍हीं इंसास राइफल का प्रयोग किया गया है जिन्‍हें कुछ दिनों पहले जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के दो सिपाहियों से आतंकियों ने छीन लिया था। हालांकि पुलिस ने शुरुआत में इन आतंकियों के नाम बताने से साफ इंकार कर दिया था। पुलिस को दो खाली कार्टिरेज उसी जगह से बरामद हुए हैं जहां पर लेफ्टिनेंट को गोली मारी गई थी। उनकी ऑटोप्‍सी रिपोर्ट से पता चला है कि उन्‍हें क्‍लोज रेंज से गोली मारी गई थी।

{promotion-urls}

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+