सड़क पर नमाज की आंच यूपी से पहुंची दिल्ली तक, ईद से पहले देश में गरमाई सियासत
Namaz Ban On Road: ईद से पहले सड़क पर होने वाली नमाज को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यूपी से लेकर दिल्ली तक मोर्चा खोल दिया है। हाल ही में, उत्तर प्रदेश के संभल और मेरठ में सड़क पर नमाज बैन को लेकर एक फरमान जारी हुआ। जिसके बाद से नमाज पर बैन के बाद देश भर में सियासत गरमा गई है। वहीं, अब यह मामला राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है।
दिल्ली में भी सड़कों पर नमाज बैन की मांग की गई है। यह मांग भाजपा विधायक करनैल सिंह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर की है। इस बीच, उत्तर प्रदेश में नवरात्र पर मीट की ब्रिकी पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। सड़क पर नमाज बैन की मांग पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है और इसे संविधान की अवहेलना करार दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में सड़कों पर नमाज पर रोक लगाने की मांगा भाजपा के कई विधायकों ने की तो इसे आम आदमी पार्टी (AAP) ने दोहरी नीति बताया। आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा नेताओं की इस मांग को दोहरी नीति बताते हुए सौगात-ए-मोदी, इफ्तार पार्टियों में भाजपा नेताओं के शामिल होने का जिक्र भी किया।
यूपी के संभल से शुरू हुआ ये विवाद
दरअसल, उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पीस कमेटी की बैठक हुई थी। इस बैठक में ईद, अलविदा जुमे की नमाज, नवरात्र और रामनवी को लेकर प्रशासन ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि मस्जिद और ईदगाह के अंदर ही नमाज अदा की जाएगी। सड़कों पर किसी भी हालत में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
'उल्लंघन पर पासपोर्ट-लाइसेंस होंगे रद्द'
पुलिस-प्रशासन ने छत पर नमाज पढ़ने की मनाही की है। नमाज को लेकर मेरठ एसपी सिटी आयुष विक्रम ने अपील करते हुए कहा किसी भी सूरत में रोड पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने पर पासपोर्ट, लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
जयंत चौधरी ने इस आदेश की आलोचना
पुलिस-प्रशासन द्वारा पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द करने के आदेश की केंद्रीय मंत्री और रालोद नेता जयंत चौधरी ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को ये नहीं कहना चाहिए कि हम पासपोर्ट ले लेंगे। हां...सड़कों को खाली रखने की बात प्रशासन कर सकता है। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता के साथ समुदाय के लोगों से संवाद करना चाहिए।
बर्क ने भी उठाया सवाल
छतों पर नमाज की पाबंदी को लेकर संभल से सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि घर की छतों पर नमाज पढ़ने से रोकने का कोई औचित्य नहीं बनता। छत कोई सरकारी, नगर पालिका या ग्राम समाज की नहीं है। छत व्यक्ति विशेष की जगह है। इस दौरान उन्होंने पूछा कि अगर इंसान अपने घर पर इबादत नहीं करेगा तो कहां जाएगा?
अब उठी मीट की दुकानें बंद करने की मांग
30 मार्च से नवरात्र शुरू हो रहे है। नवरात्र शुरू होने से पहले भाजपा ने मीट की बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई है। यूपी के मंत्री कपिल अग्रवाल ने पुलिस से कहा है कि नवरात्रों के 9 दिन तक कोई मीट की दुकान नहीं खुलेंगी। सख्ती कराइए...उनको बुलाकर बात करिए। कोई दुकान नहीं खुलेंगी।
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