600 पाकिस्तानी कमांडो जम्मू-कश्मीर में घुसे! क्या फिर से कारगिल जैसा युद्ध करने की कर रहे हैं प्लानिंग?

Jammu and Kashmir News: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के मशहूर और जाने-माने एक्टिविस्ट डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंकवादी हमलों के बारे में एक बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने जल्द ही जम्मू-कश्मीर पर हमले की आशंका जताई है।

एक्टिविस्ट डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने दावा किया है कि ये हमले आतंकवादियों द्वारा नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा है कि हालात फिर से कारगिल युद्ध जैसे हो सकते हैं। डॉ. अमजद अयूब मिर्जा के मुताबिक, SSG जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल आदिल रहमानी जम्मू क्षेत्र में हमलों की साजिश रच रहे हैं।

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डॉ. अमजद अयूब मिर्जा का दावा- 600 पाकिस्तानी सैनिक जम्मू-कश्मीर में घुसे

डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने 28 जुलाई को सोशल मीडिया पोस्ट एक्स (ट्वीट) पर एक सनसनीखेज जानकारी दी है। मिर्जा ने दावा किया कि SSG की एक पूरी बटालियन, जिसमें कम से कम 600 कमांडो शामिल हैं, भारत में घुसपैठ कर चुकी है और कुपवाड़ा क्षेत्र तथा अन्य स्थानों में छिपी हुई है। उन्होंने संभावन जताई है कि आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना पीर पंजाल और शम्सबारी पहाड़ों के बीच स्थित कुपवाड़ा क्षेत्र में छिपे हो सकते हैं।

डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने दावा किया है कि, स्थानीय जिहादी स्लीपर सेल कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना का समर्थन कर रहे हैं, भारतीय क्षेत्र में उनकी गतिविधियों को सुविधाजनक बना रहे हैं। उन्होंने ये भी दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल शाहिद सलीम जंजुआ जम्मू में हमलों की कमान संभाल रहे हैं, जिसका लक्ष्य भारतीय सेना की 15वीं कोर पर हमला करना है।

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डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने अपने पोस्ट में ये 6 दावे किए

डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने लिखा, ''

1. कथित तौर पर एसएसजी जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल आदिल रहमानी जम्मू क्षेत्र में हमला करने की योजना बना रहे हैं।

2. कहा जाता है कि एसएसजी की एक पूरी बटालियन ने घुसपैठ की है, जिसका मतलब है कि कम से कम 600 कमांडो कुपवाड़ा क्षेत्र और अन्य जगहों पर हैं।

3. स्थानीय जिहादी स्लीपर सेल एक्टिव हो हैं और भारतीय क्षेत्र के अंदर एसएसजी की गतिविधियों में मदद कर रहे हैं।

4. लेफ्टिनेंट कर्नल शाहिद सलीम जंजुआ अभी जम्मू के भारतीय क्षेत्र में हमलों की कमान संभाल रहे हैं।

5. उनका ध्यान भारतीय सेना की 15 कोर से भिड़ने पर है।

6. एसएसजी की दो और बटालियनें मुजफ्फराबाद में हैं और जम्मू-कश्मीर के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं।

कैसे फिर से छिड़ सकता है कारगिल जैसा भीषण युद्ध? डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने समझाया?

अमजद अयूब मिर्जा ने दावा किया है कि ये पूरी प्लानिंग वैसी ही रची जा रही है, जैसे कारगिल के वक्त किया गया था। उन्होंने इस बात की भी हैरानी जताई है कि आखिर इन सब अपडेट को भारतीय मीडिया और सरकारों द्वारा अनदेखा क्यों किया जा रहा है।

भारतीय सेना की 15वीं कोर या चिनार कोर कश्मीर घाटी में सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार है। मिर्जा ने खुलासा किया कि मुजफ्फराबाद (पीओके) में एसएसजी की दो और बटालियनें तैनात हैं और जम्मू-कश्मीर के रास्ते भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि, अगर ये बटालियनें, जिनमें हर ग्रुप में करीब 500 सैनिक हैं, स्थानीय जिहादियों की मदद से भारत में घुसने में कामयाब हो जाते हैं, तो पीर पंजाल की पहाड़ियों में कारगिल जैसा युद्ध छिड़ सकता है।

कारगिल युद्ध के दौरान करीब 5,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसके बाद लगभग 62 दिनों तक जंग चला था। जिसमें भारत ने कारगिल की चोटियों पर फिर से कब्जा किया था लेकिन 527 सैनिकों की जान चली गई थी।

Pir Panjal Range: क्यों पीर पंजाल रेंज भारतीय सेना के लिए चिंता का विषय है?

हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) तक फैली पीर पंजाल की पहाड़ियां आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना के लिए एक रणनीतिक घुसपैठ मार्ग है। इस क्षेत्र में घने जंगल, खड़ी ढलानें और कई गुफाएं हैं। भारतीय सैनिक चार साल बाद इस क्षेत्र में वापस लौटे हैं। इस इलाके में भारतीय सेना के 3000 पैरा एसएफ सैनिकों, 500 कमांडो, 200 स्नाइपर्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों और ओडिशा से बीएसएफ बटालियनों के जवान तैनात हैं।

पहाड़ों में छिपे आतंकवादियों और पाकिस्तानी सैनिकों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन सर्प विनाश 2.0 शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की सीधी निगरानी में चल रहे इस ऑपरेशन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना प्रमुख को लगातार रिपोर्ट किया जाता है।

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