पीएनबी घोटाले में 8 अधिकारी सस्पेंड, अब तक 18 पर गिरी गाज
देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11500 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में बैंक के अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है।
नई दिल्ली। देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए 11500 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में बैंक के अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। पीएनबी ने शुक्रवार को इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक के तीन जनरल मैनेजर समेत 8 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। इस मामले में अभी तक कुल 18 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। मामले को लेकर बैंक की आंतरिक जांच अभी जारी है। बैंक का कहना है कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।

नीरव मोदी का पासपोर्ट सस्पेंड
वहीं, विदेश मंत्रालय ने पीएनबी घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट 4 सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश की गई थी, जिसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कार्रवाई करते हुए दोनों के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए हैं।

नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल सक्रिय
गौरतलब है कि नीरव मोदी के खिलाफ जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। नीरव मोदी के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि जल्द से जल्द नीरव मोदी को गिरफ्त में लिया जा सके। नीरव मोदी के अलावा उसकी मां, भाई निशाल, पत्नी अमी और पार्टनर मेहुल चौकसी के खिलाफ विसरण नोटिस जारी किया गया है। साथ ही सभी पार्टनर डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट व स्टेलर डायमंड के खिलाफ भी नोटिस जारी किया गया है।

नीरव मोदी के तमाम ठिकानों पर छापेमारी
आपको बता दें घोटाला सामने आने के बाद से ही लगातार सीबीआई और ईडी नीरव मोदी के तमाम ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अभी तक नीरव मोदी की कुल 5100 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। नीरव मोदी पर आरोप है कि उसने फर्जी लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग के जरिए पीएनबी को 11500 करोड़ रुपए की चपत लगाई है। यह मामला उस वक्त सामने आया जब नीरव मोदी की ओर से मुंबई स्थित पीएनबी की शाखा में लोन के लिए आवेदन दिया गया, लेकिन जब बैंक के अधिकारी ने नीरव मोदी की कंपनी से क्रेडिट के तौर पर दस्तावेज मांगे तो उनकी ओर से कहा गया कि यह दस्तावेज पहले ही बैंक को दिए जा चुके हैं, लेकिन पड़ताल में यह बात सामने आया कि बैंक के पास इस तरह के दस्तावेज रिकॉर्ड में नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications