2019 के लिए युद्धस्तर पर जुटेंगे पीएम नरेंद्र मोदी, नहीं करेंगे अब एक भी विदेश दौरा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तमाम विदेश की वजह से लगातार सुर्खियों में रहते हैं। अपनी विदेश यात्राओं की वजह से पीएम मोदी अक्सर विपक्षी दलों के निशाने पर रहते हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में अब महज कुछ ही महीने का समय बचा है। हाल ही में जिस तरह से तीन हिंदी भाषी राज्यों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है उसने भाजपा की मुश्किल को बढ़ा दिया है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 के लोकसभा चुनाव तक अब किसी भी विदेश यात्रा पर नहीं जाएंगे और चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोकेंगे।

मिशन 2019
अगले चार महीनों तक प्रधानमंत्री किसी भी विदेश दौरे पर नहीं जाएंगे और वह देश के स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। सरकार में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अगले चार महीने तक किसी भी विदेश यात्रा पर नहीं जाएंगे और वह विकास के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यही वजह है कि अगले चार महीने तक एक भी ऐसा कार्यक्रम नहीं बनाया गया है जिसमे प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति अनिवार्य है। आपको बता दें कि इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने 14 विदेश यात्राएं की थी।

पीएम मोदी पर अहम जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक हैं, ऐसे में उनपर 2019 के चुनाव प्रचार की अहम जिम्मेदारी है। पार्टी के लिए बड़ी मुश्किल यह है कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा को तीन राज्यों में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी 21-23 जनवरी को वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। जिसमे बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेंगे।

हार ने बदली रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी हाल फिलहाल में अक्टूबर माह में जापान और सिंगापुर के विदेश दौरे पर गए थे। यहां वह आसियान समिट में हिस्सा लेने के लिए गए थे, इसके अलावा मालदीव में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह और नवंबर माह में अर्जेंटीना में जी-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए गए थे। माना जा रहा है कि जिस तरह से तीन हिंदीभाषी राज्यों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है उसके बाद पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव किया है और वह आगले लोकसभा चुनाव में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहती है।

पीएम की रैलियां भाजपा के लिए संजीवनी
दरअसल जिस तरह से राजस्थान में कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस यहां प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी, उसके बीच प्रधानमंत्री मोदी की ताबड़तोड़ रैलियों की वजह से यहां चुनाव काफी दिलचस्प हो गया। विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी की रैलियों की वजह से राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और भाजपा पूरी तरह से यहां धराशायी नहीं हुई। ऐसे में पीएम मोदी की रैलियों की महत्ता को देखते हुए पार्टी लोकसभा चुनाव में उनका भरपूर इस्तेमाल करना चाहती है।

कुल 48 विदेश यात्राएं
आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता संभालने के बाद कुल 48 विदेश यात्राएं की हैं, लेकिन अगले कुछ महीनों में पीएम का एक भी विदेश दौरा प्रस्तावित नहीं है, इसकी बड़ी वजह है आगामी लोकसभा चुनाव। हालांकि दक्षिण एशिया के देशों की यात्रा पिछले कुछ समय से लंबित है लेकिन अभी तक इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की गई है। 27-29 दिसंबर के बीच भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग भारत में होंगे, माना जा रहा है कि वह पीएम मोदी को भूटान आने का न्योता देंगे। भूटान के साथ भारत के रिश्ते को देखते हुए भारत इस न्योते को अस्वीकार नहीं कर सकता है, ऐसे में यह देखने वाली बात होती है कि क्या पीएम भूटान का दौरा करते हैं।
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