स्टार्टअप से होने वाले लाभ पर तीन साल तक नहीं देना होगा टैक्स और ना ही होगा इंस्पेक्शन
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। देश में नया कारोबार शुरु करने वालों के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट 'स्टार्टअप इंडिया' कैंपेन का आगाज हो गया। पीएम मोदी ने 'स्टार्टअप इंडिया' प्रोजेक्ट का एक्शन प्लान पेश किया। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कई कंपनियों के सीईओ मौजूद थे। आपको बताते चलें कि प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले साल पीएम मोदी ने लाल किले से स्टैंड अप इंडिया का नारा दिया था।
स्टार्टअप इंडिया का एक्शन प्लान
- वैश्विक स्तर पर पहचाने बनाने लायक स्टार्ट अप्स को सरकार 10 करोड़ रुपये की मदद देगी।
- 'अटल इनोवेशन मिशन' की शुरुआत होगी।
- महिला उद्यमियों की संख्या भी बढ़ रही है, सरकार इस पर भी योजना बनाने का प्रयास करेगी।
- तीन साल के लिये मुनाफे को इनकम टैक्स से मुक्ति दी जाएगी।
- इसी तरह वित्तीय संसाधनों की वृद्धि के लिये कैपिटल गैन टैक्स की छूट देना चाहते हैं।
- स्टार्ट अप्स के लिये अगले चार वर्षों में हर साल 500 करोड़ रुपये के साथ आपके लिये क्रेडिट गारंटी स्कीम लाएंगे।
- वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये 10 हजार करोड़ा डेडिकेटेड फंड दिया जाएगा।
- स्टार्ट अप की फीस में 80 फीसदी कम होगी। सरकारी खरीद में स्टार्ट अप को छूट मिलेगी।
- हम जीरो डिफेक्ट और जीरो इफेक्ट पर काम करेंगे
- भारत में नये को मौका ना देने की प्रथा प्रचलित है। काम शुरू करने से पहले टर्न ओवर या अनुभव के बारे में पूछा जाता है।
- 1 अप्रैल से स्टार्ट अप का फॉर्म मोबाइल एप्लीकेशन पर उपलब्ध होगा। साथ ही आईपीआर स्कीम भी लॉन्च की जाएगी
- इस क्षेत्र में काम करने वाले वकील बहुत कम हैं और जो हैं वो महंगे हैं।
- भारत के सभी प्रमुख शहरों में कॉमर्स चैंबर होना चाहिये, हम इसके लिये निशुल्क व्यवस्था हो सके।
- हमें आईपी और वायपी (यूथ प्रॉपर्टी) को मिलाना है।
- अब तीन साल तक कोई निरीक्षण नहीं होगा।
- 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉ़र इंडिया' भी है
‘अ-चार' पर मोदी सरकार के विचार से मचा हाहाकार!
स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम में मोदी के भाषण के मुख्य अंश
- भारत के पास करोड़ों समस्याएं हैं, लेकिन मुझे भरोसा है कि समस्याओं से दस गुना दिमाग हमारे पास है। हर स्टार्टअप के पीछे किसी समस्या के समाधार का इरादा होना चाहिये। किसी की जिंदगी में आने वाले बदलाव से संतोष मिलता है।
- साइबर सिक्योरिटी आज दुनिया की सबसे बड़ी चिंता है। क्या भारत इस क्षेत्र में काम कर सकता है।
- भारत की युवा शक्ति पर जोर देते हुए मोदी ने कहा- हम सबसे ज्यादा युवा आबादी वाले देश हैं।
- हैंडीक्राफ्ट उत्पादों के लिये भी एप्लीकेशन तैयार करना चाहिये, ताकि इससे निर्माण करने वाले से सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी।
- स्टार्टअप की दुनिया सिर्फ तकनीकी से नहीं इसके अलावा भी बहुत कुछ किया जा सकता है।
- युवाओं को नौकरी ढूंढने की मानसिकता से बाहर निकलना होगा और नौकरी देने की मानसिकता को अपनाना होगा।
- आईटी के दायरे से बाहर निकल कर भी इनोवेशन करना होगा। भारत जैसा 'जुगाड़' दुनिया में कहीं नहीं मिलेगा। लेकिन जुगाड़ से सिर्फ अपनी समस्या का समाधान ढूंढा जाता है, सबके लिये समाधान पर काम करना होगा।
- बड़ी मात्रा में अनाज, फल-फूल, सब्जियां खराब हो जाती हैं, हमें ऐसी टेक्नोलॉजी पर ध्यान देना होगा जिससे इनका संरक्षण किया जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो दुनियाभर में करोड़ों लोगों का पेट भर जाएगा।
- किसी के लिये जो दर्द होता है, जो हमें दुआ देने की ताकत दे या ना दे हमारे भीतर ऐसी अवस्था पैदा करती है जो करोड़ों लोगों की समस्या हल कर देता है, वही स्टार्ट अप की नींव बनता है।
- स्टार्ट अप करने वालों की सफलता जोखिम लेने की क्षमता और कुछ नया साहस दिखाने के इरादे से मिलता है।
- मोदी ने भारत की खोज करने वाले कोलंबस का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया को लगता है ये पागल है, लेकिन जो करता है वही जानता है कि क्या करना है।
- विचारों के साथ जुट जाना जरूरी होता है, ऐसा करने वाले ही एक दिन कमाल करते हैं।
- आपको यह बताना है कि हमें क्या नहीं करना है। 70 साल में हमने बहुत कुछ किया है हमने और हम कहां पहुंचे। इस बार न करने का निर्णय करें तो ये लोग 10 साल में देश को कहां पहुंचाएंगे।
- चाय बेचने वाला मोदी कुछ कर पाए या ना कर पाए, लेकिन देश के करोडो़ं नौजवान कुछ करे यह मेरी उम्मीद है।
'स्टार्टअप इंडिया' पर क्या कहा जेटली ने
स्टार्टअप इंडिया के आयोजन की शुरुआत वित्त मंत्री अरुण जेटली और वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारामन ने की। उद्घाटन सत्र में जेटली ने भरोसा दिया कि लाइसेंस राज खत्म किया जाएगा। लाइसेंस राज को ही स्टार्टअप के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। जेटली ने आश्वासन दिया कि सरकार अगले महीने बजट में एक अनुकूल कर प्रणाली की घोषणा करेगी।
'स्टार्टअप इंडिया' पर बोले राहुल गांधी
राहुल ने मोदी के स्टार्ट अप अभियान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि असहिष्णुता और स्टार्टअप इंडिया अंतरविरोध है, स्टार्टअप इंडिया बहुत जल्द ही फेल हो जाएगा। बीजेपी के लिए हिंदू, मुसलमान, सिख अलग-अलग हैं लेकिन मेरे लिए सब एक ही हैं।
क्या है स्टार्टअप और क्या हैं आंकड़ेंस्टार्टअप, यानी वो बिजनेस जो अभी शुरू हुआ या होने वाला है। ज्यादातर स्टार्टअप्स युवा उद्यमियों ने शुरू किए हैं और इसमें अब भी संभावनाएं बहुत हैं। स्टार्टअप के मामले में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है। 2014 में भारत में स्टार्टअप ने 65 हजार लोगों को रोजगार दिया और 2015 में स्टार्टअप में 80 हजार लोगों को नौकरी मिली है।
एक अनुमान के मुताबिक 2020 तक देशभर में 11,500 स्टार्टअप शुरू होने की उम्मीद है और 2.5 लाख नए रोजगार पैदा होंगे। स्टार्टअप में 20-30 साल के उम्र वाले उद्यमियों की सहभागिता 42 फीसदी है, तो 31-40 साल के उम्र वाले लोगों की तादाद सबसे ज्यादा 46 फीसदी है। 40 साल के ऊपर के लोगों की संख्या 12 फीसदी के आसपास है। भारत के सबसे ज्यादा 26 फीसदी स्टार्टअप्स बंगलुरू में है, फिर 23 फीसदी दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में 17 फीसदी स्टार्टअप्स हैं। पुणे में 6 फीसदी, चेन्नई में 6 फीसदी और हैदराबाद में 8 फीसदी स्टार्टअप्स हैं।













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