PM मोदी आज यूपी के बलरामपुर में सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का करेंगे उद्घाटन, जानें इसकी खासियत
PM मोदी आज यूपी के बलरामपुर में सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का करेंगे उद्घाटन, जानें इसकी खासियत
नई दिल्ली11 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (11 दिसंबर) को दोपहर लगभग 1 बजे सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का उद्घाटन करने के लिए उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ये सूचना शुक्रवार को दी है। पीएमओ के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, परियोजना पर काम 1978 में शुरू हुआ था लेकिन बजटीय समर्थन की निरंतरता, अंतरविभागीय समन्वय और पर्याप्त निगरानी के अभाव में, इसमें देरी हुई और लगभग चार दशकों के बाद भी पूरा नहीं हुआ। इस परियोजना के लिए योजना आयोग ने 1972 में सहमति दी थी। जिसपर काम 1978 में शुरू हुआ था लेकिन वो पूरा नहीं हो सका था।

सिर्फ 4 सालों में पूरी हुई सरयू नहर परियोजना, 9,800 करोड़ रुपये की आई लागत
पीएमओ ने कहा, "किसान कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री के विजन और राष्ट्रीय महत्व की लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की उनकी प्रतिबद्धता ने परियोजना पर बहुत जरूरी ध्यान दिया।" नतीजतन, 2016 में, परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लाया गया था।
पीएमओ के मुताबिक परियोजना पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने के परिणामस्वरूप परियोजना केवल चार वर्षों में पूरी हो गई है। इसपर काम मोदी सरकार में 2016 में शुरू हुआ था।
सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का निर्माण कुल 9,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है, जिसमें से पिछले चार वर्षों में 4,600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया था।

5 नदियों को जोड़ने वाली सरयू नहर परियोजना की जानें खासियत
सरयू नहर परियोजना में क्षेत्र के जल संसाधनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पांच नदियों घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा और रोहिणी को आपस में जोड़ा गया है। पीएमओ के अनुसार, यह परियोजना 14 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई के लिए सुनिश्चित पानी उपलब्ध कराएगी और 6200 से अधिक गांवों के लगभग 29 लाख किसानों को लाभान्वित करेगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ जिले बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोरखपुर और महाराजगंज लाभान्वित होंगे।

सिंचाई की समस्या होगी दूर, किसानों को होगा फायदा
पीएमओ ने यह भी कहा कि क्षेत्र के किसान, जो परियोजना में अत्यधिक देरी से सबसे ज्यादा पीड़ित थे, अब उन्नत सिंचाई क्षमता से अत्यधिक लाभान्वित होंगे। वे अब बड़े पैमाने पर फसल उगाने और क्षेत्र की कृषि क्षमता को अधिकतम करने में सक्षम होंगे। इस क्षेत्र में गेंहू, धान, मक्का और गन्ना जैसी फसलों का मुख्य रूप से उत्पादन होता है।












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