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WEF 2018: दावोस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण, पढ़िए 7 बड़ी बातें

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब उद्घाटन भाषण दिया तो टेक्नॉलोजी और पर्यावरण से लेकर आतंकवाद तक का जिक्र करते हुए तेजी से उभरती भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया के सामने रखा।

नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब उद्घाटन भाषण दिया तो टेक्नॉलोजी और पर्यावरण से लेकर आतंकवाद तक का जिक्र करते हुए तेजी से उभरती भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया के सामने रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावोस के मंच से पूरी दुनिया को संदेश दिया कि भारत का लोकतंत्र और स्थिरता, सतत विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि हमने एफडीआई के दरवाजे खोल दिए हैं, हम अब रेड कारपेट बिछा रहे हैं। पढ़िए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की खास और बड़ी बातें।

21 साल में 6 गुना बढ़ी भारत की जीडीपी

21 साल में 6 गुना बढ़ी भारत की जीडीपी

1:- करीब 50 मिनट के हिंदी में दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1997 में भारत के प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा दावोस आए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय यूरो नहीं था, ब्रेक्जिट नहीं था, ना लादेन था और ना हैरी पॉटर था। उस समय गूगल नहीं था और ना कंप्यूटर से शतरंज खिलाड़ियों को हारने का खतरा नहीं था, ट्वीट करना चिड़ियों का काम था। पीएम मोदी ने कहा कि 1997 में भारत की जीडीपी 4 बिलियन डॉलर के करीब थी, जो आज 21 साल बाद छह गुना बढ़ गई है।

मानव सभ्यता के सामने तीन बड़े खतरे

मानव सभ्यता के सामने तीन बड़े खतरे

2:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज मानव सभ्यता के सामने तीन बड़े खतरे हैं। पहला खतरा है- क्लाइमेट चेंज, ग्लेशियर पिघलने से बहुत से इलाके डूब रहे हैं, मौसम में तीव्र और अचानक बदलाव आ रहे हैं। दूसरा बड़ा खतरा है- आतंकवाद, भारत की इस चिंता से पूरी दुनिया परिचित है। आतंकवाद जितना खतरनाक है उतना ही खतरनाक है गुड और बेड टेरेरिज्म में भेद करना। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे लोगों का आतंकवाद में सम्मिलित होना एक बड़ा खतरा है। तीसरा बड़ा खतरा है- ज्यादा से ज्यादा देश आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं। इस मनोवृत्ति को आतंकवाद और क्लाइमेट चेंज की चुनौती से कम नहीं मान सकते। ग्लोबलाइजेशन की चमक फीकी होती जा रही है। वैश्विक संस्थाओं के कामकाज और प्रक्रिया की समीक्षा जरूरी है।

1400 पुराने कानून खत्म

1400 पुराने कानून खत्म

3:- प्रधानमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म हमारी कार्यशैली का सूत्र है। भारत सरकार ने देश में परमिट राज को खत्म कर निवेश को सुगम बना दिया है। हमारी सरकार ने एफडीआई के दरवाजे खोल दिए हैं और अब हम बिजनेस के लिए रेड कारपेट बिछा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि विकास की राह में रोड़ा बनने वाले 1400 पुराने कानूनों को हमने खत्म किया है। हमारी सरकार ने 70 साल बाद एक नेशन-एक टैक्स की व्यवस्था के लिए GST को लागू किया।

डेटा को संभालना बड़ी चुनौती

डेटा को संभालना बड़ी चुनौती

4:- दावोस में दिए अपने भाषण में पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी का महत्व बताते हुए कहा कि अब हम बिग डेटा के जमाने में जी रहे हैं। डेटा बहुत बड़ी संपदा है, ये सबसे बड़े अवसर हैं और चुनौतियां भी। जो डेटा को काबू में करेगा, वही भविष्य पर अपना वर्चस्व बना पाएगा।

भारत में वेल्थ के साथ वेलनेस

भारत में वेल्थ के साथ वेलनेस

5:- पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डायनेमिक से हम विकास को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वेल्थ के साथ वेलनेस चाहते हैं तो भारत आइए, हेल्थ के साथ होलनेस चाहते हैं तो भारत आइए, प्रॉसपैरिटी के साथ पीस चाहते हैं तो भारत आइए।

हम जोड़ने में विश्वास करते आए हैं

हम जोड़ने में विश्वास करते आए हैं

6:- उन्होंने कहा कि दरार और दूरियों को मिटाकर हम साझा सपनों को साकार कर सकते हैं। अनादिकाल से हम मानव मात्र को जोड़ने में भरोसा करते आए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम जोड़ने में विश्वास करते आए हैं तोड़ने में नहीं। वसुधैव कुटुंबकम की धारणा दरारों और दूरियों को मिटाने में कारगर है लेकिन इसके लिए असहमति का अभाव है। एक परिवार के तौर पर हमारे सामने अगर साझा चुनौतियों आएं तो एकजुट होकर हम सामना आएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साझा चुनौतियों के लिए एक-दूसरे का सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों का सही तरीके से पालन और सम्मान जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में लोकतांत्रिक तरीके से प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना चाहिए।

समावेशी दर्शन मेरी सरकार की हर योजना का आधार

समावेशी दर्शन मेरी सरकार की हर योजना का आधार

7:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र और स्थिरता, सतत विकास का आधार। लोकतंत्र एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं, जीवन दर्शन और जीवन शैली है। उन्होंने कहा कि हमारा लोकतंत्र, हमारी विविधता का ही नहीं बल्कि सबके सपनों का पूरा करने का काम करता है। हमने सबके विकास का संकल्प लेते हुए सबका साथ-सबका विकास का नारा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समावेशी दर्शन मेरी सरकार की हर योजना का आधार है।

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