Svamitva Scheme: पीएम मोदी ने लाखों ग्रामीणों को दिया संपत्ति का मालिकाना हक, नारीशक्ति को किया सलाम
Svamitva Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ग्रामीण भारत को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 50,000 से अधिक गांवों में संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित किए। यह वितरण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में किया गया।
पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड का ई-वितरण किया। इस दौरान पीएम मोदी ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, "आज का दिन देश के गांवों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक दिन है।" इस कार्यक्रम में ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र तथा गुजरात के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "हजारों ग्राम पंचायतों से जुड़े सभी साथी, स्वामित्व योजना के लाखों लाभार्थी, यह कार्यक्रम अपने आप में बहुत व्यापक और महत्वपूर्ण है। आप सभी ने इसे उत्साह के साथ सफल बनाया है। मैं सभी को बधाई देता हूं।"प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर ग्रामीणों के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
1.25 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड जारी किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में कहा कि देश के विकास में भूमि और मकान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है, तो नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 1.25 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार ईमानदारी से ग्राम स्वराज को जमीन पर उतारने के लिए काम कर रही है और स्वामित्व योजना से गांवों के विकास की योजना और उसके क्रियान्वयन में सुधार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत के निर्माण में नारीशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है और पिछले दशक में माताओं-बेटियों के सशक्तिकरण को हर बड़ी योजना का हिस्सा बनाया गया है।
स्वामित्व योजना क्या है?
स्वामित्व योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को की थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से तैयार करना है, ताकि भूमि विवादों में कमी आए और संपत्ति के स्वामित्व का अधिकार स्पष्ट हो सके।
इस योजना के तहत 3.17 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 92 प्रतिशत है। वहीं, 1.53 लाख गांवों के लिए लगभग 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं।
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