लाल किले से पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें, देशवासियों को दी बधाई
नई दिल्ली। आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया। लाल किले से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद समेत तमाम क्रांतिकारियों को याद किया। पीएम मोदी ने देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभभाई पटेल को भी इस मौके पर याद करते हुए कहा कि पूरा देश इन लोगों का ऋणी है। प्रधानमंत्री मोदी न कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों, डॉक्टरों को भी याद किया और उनके योगदान को अप्रतिम बताया। इस दौरान पीएम मोदी ने ओलंपिक के खिलाड़ियों की तारीफ की। खिलाड़ियों ने हमारा दिल ही नहीं जीता है बल्कि भारत की आने वाली युवा पीढ़ियों को प्रेरित करने का बहुत बड़ा काम किया है।
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यही समय है सही समय है
मेरा देश के युवाओं, देश की बहनों, बेटियों, किसानों, प्रोफेशनल पर विश्वास है। ये कैन डू जेनरेशन है, ये हर लक्ष्य हासिल कर सकती है। मुझे विश्वास है कि जब 2047, आजादी के 100 साल होंगे जो भी प्रधानमंत्री होंगे, वो जब झंडा रोहण करते होंगे तो वो अपने भाषण में जिन सिद्धियों का जिक्र करेंगे वह आज के संकल्प होंगे। आज जो मैं संकल्प के रूप में बोल रहा हूं वह 25 साल के बाद सिद्धि के रूप में उस वक्त के प्रधानमंत्री बोलेंगे। हमे अब कोई भी बाधा नहीं रोक सकती है। हमारी ताकत हमारी एकजुटता है। यह समय है साझा स्वप्न देखने का, यह समय है साझा संकल्प करने का, यह समय है साझा प्रयत्न करने का और यही समय है हम विजय की ओर बढ़ चले। इसलिए मैं फिर कहता हूं यही समय है सही समय है, भारत का अनमोल समय है, असंख्य भुजाओं की शक्ति है, हर तरफ देश की भक्ति है, तुम उठो तिरंगा लहरा दो, भारत के भाग्य को फहरा दो। यही समय है सही समय है भारत का अनमोल समय है, कुछ ऐसा नहीं जो कर ना सको, कुछ ऐसा नहीं जो पा ना सको, तुम उड़ जाओ, तुम जुट जाओ, सामर्थ्य को पहचानो, कर्तव्य को अपने सब जानो, यही समय है, सही समय है भारत का अनमोल समय है।
देश के सभी सैनिक स्कूलों में पढ़ेंगी लड़कियां
नई शिक्षा नीति में खेल को मुख्य विषय बनाया गया है। जीवन में संपूर्णता के लिए खेल कूद का होना बहुत आवश्यक है। एक समय था जब खेल कूद को मुख्य धारा नहीं समझा जाता था। मां-बाप कहते थे कि खेलते ही रहोगे तो जीवन बर्बाद हो जाएगा। इस बार हमने ओलंपिक में देखा है और अनुभव किया है। आज देश में खेलों में टैलेंट, तकनीक लाने के लिए जो अभियान चल रहा है उसे हमे और तेज और व्यापक करना है। शिक्षा हो या खेल हमारी बेटियां अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रही हैं। देश की बेटियां अपनी जगह लेने के लिए आतुर हैं। हमे यह सुनिश्चित करना है कि हर करियर में महिलाओं की समान सहभागिता हो। सड़क से लेकर वर्कप्लेस तक महिलाओं में सुरक्षा एहसास हो, सम्मान का भाव हो। प्रशासन, पुलिस नागरिकों को अपनी 100 फीसदी जिम्मेदारी निभानी है। इसमे हमे आजादी का संकल्प बनाना है। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वह सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं। मिजोरम में पहली बार सैनिक स्कूलों में लड़कियों को प्रवेश देने का काम किया था। लेकिन अब देश के सभी सैनिक स्कूलों में लड़कियां भी पढ़ेंगी।
राजनीतिक इच्छा शक्ति की कोई कमी नहीं
बड़े सुधार के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति की जरूरत होती है। आज दुनिया देख रही है कि राजनीतिक इच्छा शक्ति की कोई कमी नहीं है। सुधार को लागू करने के लिए गुड और स्मार्ट गवर्नेंस चाहिए। दुनिया देख रही है कि भारत कैसे अपने यहां गवर्नेंस का नया अध्याय लिख रहा है। हमारी प्राथमिकता है कि नागरिकों मिलने वाली सेवा हर व्यक्ति के पास बिना कठिनाई के पहुंचे। पहले सरकार खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गई थी,शायद यह उस वक्त की जरूरत रही होगी। लेकिन हमने लोगों को अनावश्यक कानूनों से मुक्ति दिलाई है। कोरोना काल में भी सरकार ने 15 हजार से ज्यादा कंप्लायंसेस को समाप्त किया है। 200 साल पहले हमारे यहां एक कानून चला आ रहा था जिसकी वजह से देश के नागरिकों को नक्शा बनाने की इजाजत नहीं थी। नक्शा बनाना है, किताब में छापना है तो सरकार से पूछना होता था। आजकल हर फोन में मैप है, सैटेलाइट की इतनी ताकत है,ऐसे में इस तरह के कानून का कोई महत्व नहीं है।
मेड इन इंडिया पर जोर
आज हम तीन बिलियन डॉलर के मोबाइल फोन निर्यात कर रहे हैं। आज जब हमारे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को गति मिल रही है हमे ध्यान रखना है कि हमारा उत्पाद ग्लोबल मार्केट में ना सिर्फ टिके बल्कि एक कदम आगे निकले, इसपर ध्यान रखना होगा। मैन्युफैक्चरर को ध्यान रखना होगा कि आप जो बना रहे हैं वह सिर्फ एक पुर्जा नहीं है बल्कि उसके साथ भारत की प्रतिष्ठा जुड़ी होती है, लोगों का विश्वास जुड़ा होता है। आपका हर उत्पाद भारत का ब्रांड अंबेसडर होता है। आपके मन में दुनिया के मार्केट में छा जाने का सपना होना चाहिए। इस सपने को पूरा करने के लिए सरकार हर एक तरह से आपके साथ खड़ी है। कोरोना के कठिन काल में हजारो स्टार्ट अप आगे आए हैं। कल के स्टार्टअप आज के यूनिकॉर्न बन रहे हैं। इनकी मार्केट वैल्यू हजारो करोड़ रुपए तक पहुंच रही है। यह देश में नए प्रकार का वेल्थ क्रिएट कर रहे हैं। ये दुनिया में छा जाने का सपना लेकर चल रहे हैं। इस दशक में भारत के स्टार्ट अप सिस्टम को पूरी दुनिया में
100 करोड़ की गति शक्ति योजना
भारत आने वाले कुछ ही समय में प्रधानमंत्री गति शक्ति प्लान लेकर आने वाला है। 100 लाख करोड़ से अधिक की योजना लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर लेकर आने वाली है। यह ऐसा मास्टर प्लान है जो हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। अभी हम देखते हैं कि हमारे ट्रांसपोर्ट के साधनों में कोई तालमेल नहीं है। लेकिन गति शक्ति इन कठिनाइयों को हटाएगी। इससे सामान्य जन की ट्रैवेल टाइम में कमी आएगी। गति शक्ति हमारे लोकल मैन्युफैक्चर को ग्लोबल स्तर पर लाने में मदद करेगी। अमृत काल के इस दशक में गति की शक्ति भारत के कायाकल्प का आधार बनेगी।
छोटा किसान बने देश की शान
समय आ गया है कि देश में कृषि क्षेत्र के वैज्ञानिकों को कृषि क्षेत्र से जोड़ें। हम ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते हैं। फल सब्जियों व अनाज का उत्पादन बढ़ाने में इससे बहुत मदद मिलेगी। इन प्रयासों के बीच हमे कृषि सेक्टर की एक बड़ी चुनौती की ओर ध्यान देना है। गांव के लोगों के पास कम होती जमीन बड़ी चुनौती है। बढ़ती हुई आबादी की वजह से परिवार में बंटवारे की वजह से किसानों की जमीन छोटी हो रही है। देश के 80 फीसदी किसानों के पास दो हेक्टर से भी कम जमीन है। 100 में से 80 किसानों के पास 2 हेक्टेअर से कम खेत है। पहले जो नीतियां बनी उसमे इन किसानों पर जितना ध्यान रखना था वह रह गया। इन्ही किसानों के लिए कृषि सुधार किया जा रहा है। छोटे किसानों को सस्ते दर पर कर्ज मिले, एमएसपी डेढ़ गुना मिले इसके प्रयास किए गए। हर छोटे किसानों के छोटे-छोटे खर्च को ध्यान में रखते हुए पीएम किसान सम्मान निधि योजना चलाई जा रही है। 10 करोड़ किसानों के खाते में अबतक डेढ़ लाख करोड़ रुपए पहुंचा दिए गए हैं। हमारा मंत्र है छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है।
गांवों में विकास, सहकारवाद पर बल
भारत सहकारवाद पर बल देता है, यह हमारी परंपरा और संस्कारों के अनुकूल है। सहकारवाद में सिर्फ कानून और नियमों की जंजाल वाली व्यवस्था नहीं है। यह सामूहिक तौर पर आगे बढ़ने की प्रवृत्ति है। इसके लिए हमने अलग मंत्रालय बनाया है। राज्यों को सहकारी क्षेत्रों को अधिक से अधिक बल देने के लिए हमने यह कदम उठाया है। हमने गांवों में नई अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए पूरी शक्ति लगानी होगी। हम अपने गांवों को तेजी से परिवर्तित होते देख रहे हैं। गांवों में सड़क और बिजली पहुंचाने का हमने काम किया है, लेकिन अब ऑप्टिकल फाइबर पहुंच रहा है, इंटरनेट पहुंच रहा है। सरकार ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी तैयार करेगी, डिजिटल प्लेटफॉर्म महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप के लोगों को जोड़ेगा।
जम्मू कश्मीर में चुनाव की तैयारी
जम्मू कश्मीर में ही डीलिमिटेशन कमीशन का गठन हो चुका है। भविष्य में चुनाव की तैयारियां हो रही है। लद्दाख भी विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। लद्दाख आधुनिक भारत की ओर बढ़ रह है। सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी लद्दाख को शिक्षा का केंद्र बना रही है।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी को आगे बढ़ाना है
पिछले साथ वर्षों में जो प्रयास किए गए हैं हम उसे और तेजी से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हमारे पूर्वी भारत में जम्मू कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर भारत देश के विकास का नया आधार बनने वाले हैं। नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी का नया इतिहास लिखा जा रहा है। बहुत जल्द नॉर्थ ईस्ट की सभी राजधानियों को रेल सेवा का काम पूरा होने वाला है। एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत नॉर्थ ईस्ट बांग्लादेश, म्यांमार, दक्षिण एशिया से कनेक्ट हो रहा है। नॉर्थ ईस्ट में टूरिज्म, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, पॉम आयल की जबरदस्त क्षमता है। सभी के सामर्थ्य को उचित अवसर देना लोकतंत्र की असली भावना है।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के गांव-गांव तक क्वालिटी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही है। जन औषधि के माध्यम से गरीब को सस्ती दवा मुहैया कराई जा रही है। 75 हजार से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जा चुके हैं। आधुनिक अस्पताल और लैब पर विशेष रूप से काम किया जा रहा है। बहुत जल्द देश के हजारों अस्पताल के पास अपने ऑक्सीजन प्लांट होंगे।
फोर्टिफाई चावल
देश के हर गरीब तक पोषण पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। देश की महिलाओं और बच्चों में कुपोषण उनके विकास में बड़ी बाधा बनती है। इसे देखते हुए यह तय किया गया है कि सरकार अपनी योजनाओं के तहत जो चावल गरीबों को देती है उसे फोर्टिफाई करेगी और गरीबों को पोषणयुक्त चावल देगी। मिड मिल में बालकों को मिलने वाला चावल हो, वर्ष 2024 तक हर योजना से मिलने वाले चावल को फोर्टिफाइ कर दिया जाएगा।
पटरी दुकानदारों के लिए काम
आजतक हमारे यहां कभी उन साथियों के बारे में नहीं सोचा गया जो रेहड़ी लगाते हैं, पटरी पर बैठकर सामान बेचते हैं। अब इन साथियों को स्वनिधि योजना के तहत बैंकिंग योजना के तहत जोड़ा जा रहा है। जैसे हमने शत फीसदी घरों तक बिजली पहुंची, शौचालय के निर्माण का प्रयास किया। वैसे ही हमे योजनाओं के शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करना है। हमे कुछ ही वर्षों में इस संकल्प को पूरा करना है। शत प्रतिशत का सबसे बड़ा लाभ होता है कि सरकारी योजना के लाभ से कोई वंचित नहीं रहता है।
सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के साथ सबका प्रयास
पीएम मोदी ने कहा कि संकल्प तबतक अधूरा होता है जबतक संकल्प के साथ परिश्रम जरूरी है। हमारे पास गंवाने के लिए एक पल भी नहीं हैर। यही समय है, सही समय है। हमारे देश को बदलना होगा, हमे एक नागरिक के नाते अपने आपको बदलना ही होगा। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुट चुके हैं। लेकिन आज लाल किले की प्राचीर से आह्वाहन कर रहा हूं, सबका साथ,सबका साथ, सबका विश्वास और अब सबका प्रयास हमारे हर लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बीते 7 वर्षों में शुरू हुई अनेक योजनाओं का लाभ करोड़ो गरीबों के घर तक पहुंचा है। उज्जवला से लेकर आयुष्मान भारत की ताकत देश का हर नागरिक जानता है। सरकारी योजनाओं की गति बढ़ी है, निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर रही है। पहले की तुलना में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई है। हमे 100 फीसदी गांवों तक सड़क हो, 100 फीसदी लोगों के पास बैंक खाता हो, 100 फीसदी लोगों के पास उज्जवला योजना, गैस कनेक्शन हो। शत प्रतिशत का मूड बनाकर चलना है।
देश के वैज्ञानिकों पर गर्व
हमारे वैज्ञानिकों के परिश्रम का परिणा है कि कोरोना वैक्सीन के लिए हमे दूसरे देश पर निर्भर नहीं होना पड़ा। सोचिए अगर देश में अपनी वैक्सीन नहीं होती तो क्या होता। पोलियो की वैक्सीन हासिल करने में कई साल बीत गए। जब पूरी दुनिया में महामारी थी तो हमे वैक्सीन कैसे मिलती। लेकिन आज हम गौरव के साथ कह सकते हैं कि दुनिया में सबसे बड़ा वैक्सीन अभियान भारत में चल रहा है। 54 करोड़ से अधिक डोज लोगों को लग चुकी है। ऑनलाइन ऐप के जरिए वैक्सीन की व्यवस्था की दुनिया में तारीफ हो रही है। 80 करोड़ देशवासियों को लगातार मुफ्त अनाज देकर उनके घर में भोजन की आपूर्ति की गई, यह दुनिया के लिए आश्चर्यजनक है। दुनिया के समृद्ध देशों की तुलना में हमारी व्यववस्थाएं कम हैं, हमारी जनसंख्या भी बहुत है, हमारी जीवन शैली भी अलग है।
लोगों ने अपनों को खोया
सामरिक प्रयास के बाद भी हम कई लोगों को बचा नहीं पाए। लोगों के सिर पर हाथ रखने वाले कई लोग चले गए। यह असहनीय पीड़ा, ये तकलीफ हमेशा से साथ रहने वाली है। मेरे प्यारे देशवासियों हर देश की विकास यात्रा होती है। एक समय ऐसा आता है जब देश खुद को नए सिरे से परिभाषित करता है। खुद को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाता है। भारत की विकास यात्रा में भी वह समय आ गया है। 75 साल के मौके पर इसे एक समारोह के तौर पर सीमित नहीं करना है। हमे नए संकल्प लेकर चल पड़ना है। हमे अगले 25 साल की यात्रा जब हम आजादी की शताब्दी मनाएंगे तो भारत और भारत के नागरिकों के लिए समृद्ध भारत का निर्माण हो।
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